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मंडी हादसाः एसएलडीसी को मिली क्लीन चिट

Sun, 06 Jul 2014 09:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 06 Jul 2014 09:18 PM IST
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mandi accident: clean chit to SLDC

मंडी हादसे के मामले की तकनीकी जांच रिपोर्ट में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) को क्लीन चिट दी गई है। जांच कर रहे ऊर्जा निदेशालय के चीफ इंजीनियर नीरज कूपर ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट शनिवार को प्रदेश सरकार को सौंप दी।

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इसमें एसएलडीसी की किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। राज्य सरकार इस रिपोर्ट को हाईकोर्ट में पेश करेगी। मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट में एसएलडीसी पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने तकनीकी पहलू की जांच करने के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की थी।
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तकनीकी जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के दिन आठ जून को बास्पा को छोड़कर बिजली बोर्ड के चारों पावर प्रोजेक्ट एसएलडीसी ने बंद करा दिए थे। क्योंकि, आठ जून को विद्युत बोर्ड के चारों पावर प्रोजेक्टों में शाम छह बजे तक निर्धारित लक्ष्य से अधिक बिजली उत्पादन किया जा चुका था।
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जेपी के बास्पा प्रोजेक्ट ने तय लक्ष्य से 331 मिलियन यूनिट कम बिजली उत्पादन किया था। ऐसे में एसएलडीसी द्वारा जेपी के बास्पा प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन बंद नहीं कराया जा सकता था। यदि बास्पा प्रोजेक्ट को एसएलडीसी बंद कराता तो उसे आठ से नौ रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से जुर्माना चुकता करना पड़ता।


एसएलडीसी अगर पावर प्रोजेक्ट बंद नहीं कराता, तो नादर्न ग्रिड फेल हो सकता था। ऐसे में प्रदेश को करोड़ों का जुर्माना भरना पड़ता। पानी नहीं छोड़ा जाता तो प्रोजेक्टों में करोड़ों की मशीनें नष्ट हो जातीं।

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