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मानव भारती विवि के फर्जी डिग्री मामले में फोरेंसिक लैब भेजी हार्ड डिस्क
Fri, 20 Mar 2020 01:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 20 Mar 2020 01:48 PM IST
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फर्जी डिग्री बांटने के आरोप में घिरे सोलन की मानव भारती विश्वविद्यालय की मुश्किलें बढ़ना तय हैं। पुलिस ने अब तक गिरफ्तार तीनों आरोपियों की निशानदेही पर राजस्थान से बरामद की दो कंप्यूटर हार्ड डिस्क को फोरेंसिक लैब भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस स्थानीय कोर्ट में मामले में पहली चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके साथ ही पुलिस ने इन हार्ड डिस्क की मिरर इमेज बनाकर उसमें दर्ज उन जानकारियों पर जांच शुरू कर दी है।
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जिसमें कई ऐसे पाठ्यक्रमों की डिग्री बांटे जाने का खुलासा हुआ है, जिनके लिए मानव भारती विश्वविद्यालय के पास मान्यता ही नहीं थी। शुरुआत में वर्ष 2012 तक चले केस की डिग्री आगामी कई सालों तक बांटे जाने का भी खुलासा हुआ है। पुलिस के हाथ उन लोगों के नाम और पते भी आ गए हैं। जिसके बाद पुलिस अब जांच को आगे बढ़ा दी है।
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विश्वविद्यालय पर जिस महिला ने आरोप लगाए थे, उसके सभी आरोप साबित हो रहे हैं। अब तक की जांच में यह बात स्पष्ट हो गई है कि विश्वविद्यालय ने फर्जी डिग्री जारी कर दी थी। हरियाणा के चरखी दादरी की रहने वाली ममता ने आरोप लगाया था कि कि उसने विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में एमए किया लेकिन विवि प्रशासन ने अब इस विषय को नहीं पढ़ाने की जानकारी दी है।
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ममता का आरोप है कि विषय विवि के पास नहीं था ऐेसे में उसने कोर्स पूरा करने के बाद फर्जी डिग्री बांटी है। महिला ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 50 हजार रुपये फीस भरकर दाखिला लिया। कोर्स पूरा करने के बाद डिग्री पाकर उन्होंने नौकरी पाई लेकिन बार बार शिकायत होने पर जब मामले की जांच शुरू हुई तो विवि ने उक्त विषय में डिग्री करवाने से इंकार कर दिया।