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475 में से 242 किलोमीटर टनलों से गुजरेगा मनाली-लेह ट्रैक, तुर्की के विशेषज्ञ करेंगे सर्वे
Mon, 24 Aug 2020 10:51 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 24 Aug 2020 10:51 AM IST
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सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेल लाइन का तुर्की के विशेषज्ञ जियोलॉजिकल मैपिंग सर्वे करेंगे। उत्तर रेलवे का दावा है कि दिसंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय को रेल ट्रैक की डीपीआर सौंप दी जाएगी। मौसम ने साथ दिया तो 15 अगस्त को शुरू हुआ रडार सर्वे एक माह में पूरा हो जाएगा। पड़ोसी देश चीन की सीमा तक पहुंचने के लिए लेह तक 475 किलोमीटर लंबे मार्ग का 52 फीसदी ट्रैक यानी 242 किलोमीटर मार्ग टनलों से ही गुजरेगा।
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बताया जा रहा है कि सबसे लंबी टनल 27 किमी की होगी। चीन सीमा तक पहुंचने वाली लाइन का उत्तर रेलवे ने 15 अगस्त से रडार सर्वे शुरू कर दिया है। 22 सेटेलाइट सर्वे के बाद अब एक्यूरेसी के लिए रेलवे सर्वे करवा रहा है। सर्वे के बाद प्रोजेक्ट कॉस्ट, फॉरेस्ट लैंड, रिसेटलमेंट, तकनीक फीचर और इसके तहत कितनी बीघा जमीन आएगी, इस पर काम होगा। उत्तर रेलवे दिसंबर 2021 तक प्रोजेक्ट की रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को सौंप देगा। अगर परियोजना को केंद्र से स्वीकृति मिलती है तो जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी।
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31 स्टेशन बनेंगे, 75 हजार करोड़ है लागत
75 हजार करोड़ से बनने वाली रेलवे लाइन में 31 स्टेशन होंगे। जियोलॉजिकल मैपिंग व जियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन के बाद इसे फाइनल किया जाएगा। इसके लिए तुर्की और भारत के विशेषज्ञ रिपोर्ट तैयार करेंगे। ऊपरी लेह के 50 किलोमीटर में रडार सर्वे हो चुका है। इस ट्रैक पर देश का पहला ऐसा स्टेशन होगा जो टनल के अंदर बनेगा।
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20 घंटों में पहुंचेंगे दिल्ली से लेह
इस रेलमार्ग के बनने से दिल्ली से लेह पहुंचने में बीस घंटे लगेंगे। अभी सड़क मार्ग से 36 घंटे लगते हैं। साथ ही सेना को लेह और चीन बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी रहेगी। यह ट्रैक रोहतांग, बारालाचा और तंगलंगला जैसे दर्रों से होकर गुजरेगा।
दिसंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय को डीपीआर सौंप देंगे। डीपीआर पर अप्रूवल मिलने के बाद रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम होगा। यह प्रोजेक्ट चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन रेलवे इसे पूरी जिम्मेदारी से पूरा करेगा। - हरपाल सिंह, चीफ कंस्ट्रक्शन इंजीनियर लेह रेलवे प्रोजेक्ट