पिता की आंखों में पल रहे सपने को किया साकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मन में कुछ कर करने का जज्बा हो तो कोई भी राह कठिन नहीं और कोई भी मंजिल दूर नहीं। कुल्लू जिले के आनी के निखिल गोयल सेना में अफसर बन गए हैं।
स्वर्गीय राकेश गोयल और स्मृति गोयल के बेटे निखिल गोयल एसएसबी परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक लेकर लेफ्टिनेंट पद पर सेलेक्ट हुए हैं। निखिल बाह्य सिराज क्षेत्र के पहला युवा हैं, जो सेना में ऑफिसर रैंक पर सीधे भर्ती हुए हैं।
निखिल की इस उपलब्धि पर दादी भावना देवी, माता स्मृति और बहन दिव्या बेहद खुश हैं। निखिल की दसवीं तक शिक्षा आनी के सरस्वती विद्या मंदिर से हुई है।
जमा दो शिमला के हिम रश्मि परिसर से की। निखिल की माता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में काफी होशियार था। वह बड़ा होकर ऑफिसर बनकर देशसेवा करना चाहता था।
पिता का सड़क हादसे में हो चुका है देहांत
स्वर्गीय पिता का सपना था कि बेटा बड़ा ऑफिसर बने। निखिल ने सर्विस सेलेक्शन बोर्ड के भोपाल में हुए देशभर के 16607 बच्चों के साक्षात्कार में 196 सेलेक्टिड बच्चों में से 85वां रैंक हासिल किया।
आठ साल पूर्व निखिल के पिता राकेश गोयल का सड़क दुर्घटना में देहांत हो गया था। उनकी माता ने 14 वर्षों तक सीआरपीएफ में जवान के तौर पर देशसेवा की है।
पति की आकस्मिक मौत के बाद कस्बे में पति की दुकान संभालकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दी। निखिल की बड़ी बहन दिव्या बीटेक करने के साथ अपनी मां के काम भी हाथ बंटाती हैं। निखिल ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत, दादी, मां और बहन के कठिन परिश्रम और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।