{"_id":"665c0a93bb7215bd040ce509","slug":"lok-sabha-elections-2024-shyam-saran-negi-family-said-why-the-country-s-first-voter-was-forgotten-2024-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lok Sabha Election 2024: परिजनों को मलाल, देश के पहले मतदाता को क्यों भुला दिया गया, कभी बिछता था रेड कारपेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lok Sabha Election 2024: परिजनों को मलाल, देश के पहले मतदाता को क्यों भुला दिया गया, कभी बिछता था रेड कारपेट
Sun, 02 Jun 2024 11:31 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 02 Jun 2024 11:31 AM IST
सार
इस बार के लोकसभा चुनाव में कल्पा पोलिंग बूथ को आदर्श पोलिंग स्टेशन नहीं बनाया गया। साथ ही यहां रेड कारपेट भी नहीं बिछाया गया। जिसे लेकर देश के प्रथम मतदाता स्व. श्याम
सरन नेगी के परिवार को मलाल है।
विज्ञापन
देश के पहले मतदाता स्व. श्याम सरन नेगी। (फाइल)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
देश के प्रथम मतदाता श्याम सरन नेगी के देहांत के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि इस बार के लोकसभा चुनाव में कल्पा पोलिंग बूथ को आदर्श पोलिंग स्टेशन नहीं बनाया गया। साथ ही यहां रेड कारपेट भी नहीं बिछाया गया। इसका परिजनों को मलाल है। गांव कल्पा के पोलिंग बूथ पर इस बार चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए थे। इसका श्याम सरण नेगी के परिजनों को दुख है।
विज्ञापन
श्याम सरन नेगी के पोते दीपक चारस का कहना है कि उनके दादा श्याम चरण नेगी देश के पहले मतदाता थे। इसलिए कल्पा पोलिंग बूथ में चुनाव आयोग की ओर से ऐसे प्रबंध होने चाहिए थे, जिससे युवा मतदाताओं को भी पता चल सके कि इसी बूथ पर प्रथम मतदाता श्याम चरण ने मतदान किया था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा यह स्कूल ऐतिहासिक होने के साथ कल्पा का पर्यटन स्थल भी है। इसलिए मतदान के दौरान मतदाताओं को संदेश देने के लिए आदर्श पोलिंग स्टेशन बनाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कल्पा गांव में लगभग 1,500 मतदाता हैं।
विज्ञापन