पंडित सुखराम ने कांग्रेस में भुनाए पुराने संबंध, इन नेताओं को नहीं लगने दी भनक
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पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम ने कांग्रेस में अपने पुराने संबंधों को भुनाया है। दादा सुखराम ने घर वापसी कर पोते आश्रय को कांग्रेस में पनाह दिलाई है। आश्रय महज कांग्रेस में ही शामिल नहीं हुए हैं बल्कि मंडी सीट से कांग्रेस टिकट पर अब लोकसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं।
सुखराम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ पिछले कई दिनों से संपर्क में थे। इसकी भनक पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को भी नहीं लगने दी गई। सुखराम और आश्रय की कांग्रेस में आने की सूचना पाटिल और राठौर को अंतिम क्षणों में दी गई।
उधर, दादा-पोते के कांग्रेस में आने के बाद जयराम सरकार में मंत्री आश्रय के पिता अनिल शर्मा पर अब सबकी निगाहें टिक गई हैं। देखना यह है कि अनिल शर्मा अब क्या कदम उठाएंगे।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मंडी संसदीय सीट से प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता पूरी तरह से मुकर गए थे। पहले माना जा रहा था कि हाईकमान मंडी संसदीय सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के परिवार के किसी सदस्य को टिकट देने पर विचार कर सकता है।
वीरभद्र सिंह मना कर चुके हैं कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। पूर्व मंत्री कौल सिंह पहले ही प्रभारी के समक्ष कह चुके हैं कि उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं हैं।
उधर, आश्रय भाजपा से टिकट पाने के लिए जुटे रहे लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। इसी बीच दादा सुखराम ने कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं खासकर एआईसीसी कोषाध्यक्ष अहमद पटेल के माध्यम से रास्ता तैयार किया और घर वापसी कर ली।