Himachal Election: लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव प्रचार के अंतिम दौर में आपदा, अग्निवीर बने बड़े मुद्दे
मोदी और शाह के इन दोनों ही मुद्दों पर हमलों के बाद राहुल गांधी ने भी रविवार को अपने तरकश से निकालकर कई तीर दागे हैं।
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लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव प्रचार के अंतिम दौर में हिमाचल प्रदेश में आपदा और अग्निवीर दो बड़े मुद्दे बन गए हैं। मोदी और शाह के इन दोनों ही मुद्दों पर हमलों के बाद राहुल गांधी ने भी रविवार को अपने तरकश से निकालकर कई तीर दागे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मई को मंडी में आयोजित रैली में कहा कि केंद्र से आई सैकड़ों करोड़ रुपये की राहत राशि पर हिमाचल प्रदेश में बंदरबांट हुई है। उन्होंने केंद्र में तीसरी बार सरकार बनने के बाद इस पर जांच बैठाने का भी एलान कर डाला।
रविवार को इस पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने अदानी-अंबानी और केवल 22 लोगों के लिए करीब 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। लेकिन हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार ने राज्य पर आई आपदा के लिए 9000 करोड़ रुपये मांगे, जो नहीं दिए गए। इस तरह से आपदा पर यह मुद्दा खूब गरमा गया है। इसी तरह से अग्निवीर भर्ती पर भी अमित शाह और राहुल गांधी में खूब तीरंदाजी हुई। 25 मई को ऊना के अंब में अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि चार साल बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों का कोई भविष्य नहीं है।
इनका जीवन बर्बाद किया जाए। अमित शाह बोले कि इस बारे में कांग्रेस झूठ फैला रही है। 100 बच्चे अग्निवीर बनते हैं तो 25 प्रतिशत तो सीधे सेना में भर्ती हो जाएंगे। जो 75 प्रतिशत युवा बचेंगे, उनके लिए भाजपा शासित सभी राज्य सरकारों ने पुलिस बलों में 10 से 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। मिलिट्री फोर्सेज में भी 10 प्रतिशत आरक्षण होगा। केंद्र सरकार के पैरा मिलिट्री बलों में भी 10 प्रतिशत आरक्षण देगी। आयु सीमा में भी कई तरह की रियायतें होंगी। परीक्षा में भी लाभ दिए गए हैं और शारीरिक परीक्षाएं भी नहीं होंगी।
इस पर पहलटवार करते हुए रविवार को राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह आए और बोले कि अग्निवीरों को पैरा मिलिट्री और पुलिस में नौकरी मिलेगी। प्रश्न यह है कि हिंदुस्तान का एक युवा देश के लिए शहीद होने के लिए तैयार है तो उसे वही सम्मान मिलना चाहिए, जो दूसरे युवाओं को मिलेगा। दो तरीके के शहीद और जवान नहीं होंगे। राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन सरकार आएगी और पहला काम महालक्ष्मी योजना से पहले पहली नौकरी पक्की और किसान कर्जा माफी से पहले अग्निवीर योजना को फाड़कर कूड़ेदान में फेंकेगी। यह योजना सेना की नहीं है। इसे आर्मी नहीं चाहती है। इसे पीएमओ ने बनाया है।