डेढ़ साल बाद मिले वीरभद्र और सुखराम, गिले-शिकवे किए दूर
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करीब डेढ़ साल बाद गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व संचार मंत्री पंडित सुखराम की मुलाकात हुई। नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-टू में हुई दोनों वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के दौरान पुराने गिले-शिकवे दूर किए गए।
गुरुवार दोपहर करीब आधा घंटा डेढ़ से दो बजे के बीच हुई इस मुलाकात को प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा ने वीरभद्र सिंह के घर जाकर मुलाकात की।
इस दौरान वीरभद्र सिंह ने पंडित सुखराम का कांग्रेस में वापसी का स्वागत करते हुए पूरा सहयोग देने की बात कही। पंडित सुखराम ने पुराने गिले-शिकवे दूर कर एकजुटता से कांग्रेस को जिताने की बात कही।
बता दें कि साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम के बीच एक जनसभा के दौरान दरार पड़ गई थी। वीरभद्र सिंह की बयानबाजी से नाराज होकर पंडित सुखराम के परिवार ने कांग्रेस छोड़ कर भाजपा ज्वाइन की थी। मंडी सदर से पंडित सुखराम के पुत्र अनिल शर्मा ने भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ा था।
राहुल गांधी से मिले वीरभद्र, प्रत्याशियों पर की चर्चा
मंडी जिला में भाजपा को बड़ी जीत मिलने के बाद अनिल शर्मा को भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। अब लोकसभा चुनाव के दौरान सुखराम अपने पोते आश्रय शर्मा के साथ भाजपा की टिकट की जुगत में लगे रहे।
कामयाबी नहीं मिलने के बाद सुखराम और आश्रय शर्मा ने दोबारा कांग्रेस में एंट्री मार ली है। मंडी लोकसभा क्षेत्र से टिकट के प्रयास में जुटे आश्रय शर्मा को मजबूत करने के लिए ही पंडित सुखराम ने पुरानी बातों को भुलाते हुए वीरभद्र सिंह के घर जाकर मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान हिमाचल से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चा हुई।