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मंडी सीट में दाव पर सीएम जयराम की प्रतिष्ठा और सुखराम परिवार का राजनीतिक भविष्य

Thu, 23 May 2019 07:34 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/मंडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/मंडी Published by: Krishan Singh Updated Thu, 23 May 2019 07:34 AM IST
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Lok Sabha Election 2019 Result: CM jairam reputation and sukhram political future on stake
रामस्वरूप शर्मा और आश्रय शर्मा - फोटो : अमर उजाला

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में हिमाचल की हॉट सीट मंडी में भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस के गढ़ रहे मंडी संसदीय क्षेत्र में जिले से पहली बार मुख्यमंत्री बने जयराम ठाकुर की प्रतिष्ठा दांव पर है। भाजपा प्रत्याशी राम स्वरूप की जीत के लिए सीएम ने दिन-रात एक कर दिया।

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दूसरी ओर छह दशक के राजनीतिक सफर में चौथी बार दल बदल कर फिर कांग्रेस का हाथ थामने वाले सुखराम परिवार का राजनीतिक भविष्य दांव पर है। कांग्रेस प्रत्याशी एवं पोते आश्रय शर्मा के लिए पंडित सुखराम ने पूरी ताकत झोंक दी है। दिग्गजों की इस सियासी कुश्ती को देख रहे मतदाता खामोश हैं।  

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रामस्वरूप को पीएम और सीएम का साथ, आश्रय को सुखराम और वीरभद्र का सहारा

Lok Sabha Election 2019 Result: CM jairam reputation and sukhram political future on stake

संसदीय क्षेत्र मंडी में इस बार जंग कांग्रेस और भाजपा से ज्यादा जयराम और सुखराम के बीच मानी जा रही है। सियासी समीकरण उलझे हुए हैं। पहली बार मंडी से सीएम की कुर्सी तक पहुंचे जयराम ठाकुर की प्रतिष्ठा यहां दाव पर है और सीएम खुद भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप के प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।

यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चुनावी रैली कर वोटरों की नब्ज टटोलते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र के साथ दिल से जुड़े होने का इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं। मंडी में कभी राजनीति की धुरी रहे पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय को अब तक के कैंपेन में वीरभद्र का पूरा साथ नहीं मिला है।

वीरभद्र सिंह के रुख पर भी सबकी निगाहें हैं, क्योंकि वह मौका मिलने पर सुखराम परिवार पर निशाना साधने का मौका भी नहीं चूक रहे हैं। अपने पुराने कार्यों को लेकर सुखराम परिवार ने चुनावी फील्ड सजाई है।

कांग्रेस प्रत्याशी के पिता अनिल शर्मा को छोड़ सत्तारूढ़ भाजपा को 17 विधानसभा क्षेत्रों में 13 विधायकों का साथ है। कांग्रेस सुखराम परिवार के सहारे वापसी का प्रयास कर रही है। लेकिन इस सब के बीच तीसरे दलों और बागियों का रोल भी अहम रहेगा।  

यह हैं मुद्दे

Lok Sabha Election 2019 Result: CM jairam reputation and sukhram political future on stake
सांकेतिक तस्वीर

सड़कों की हालत, बेरोजगारी, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं, मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कीरतपुर-मंडी-मनाली फोरलेन, जिला मंडी को पर्यटन की दृष्टि से विकास कर स्वरोजगार के साधन  जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इसके साथ ही द्रंग में नमक की खान में उत्पादन, पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन का विस्तार, भूभू जोत टनल का निर्माण, फोरलेन प्रभावितों की मुआवजे संबंधित मांगे के साथ साथ महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, नोटबंदी, जीएसटी जैसे मुद्दे भी जीवंत हैं।

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इस बार लड़ाई सबसे अधिक मार्जिन की है : रामस्वरूप

Lok Sabha Election 2019 Result: CM jairam reputation and sukhram political future on stake

रामस्वरूप शर्मा का कहना है कि सुखराम ने सिर्फ परिवार का सोचा है। मंडी को मंडी बनाकर रख दिया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी को छोटी काशी का रूप दिया है।

स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क, पर्यटन हर क्षेत्र में मंडी का विकास हुआ है। विकास कार्यों के दम पर वह चुनाव तो जीत चुके हैं, लेकिन इस बार लड़ाई सबसे अधिक मार्जिन की है।

बड़ी काशी के सांसद यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद छोटी काशी के सांसद को मंडी पहुुंचकर आशीर्वाद दे चुके हैं। एक सुदामा के मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए इससे बड़ी बात क्या होगी। इन चुनावों के बाद सुखराम परिवार की पॉलिटिकल कॅरिअर की डेथ तय है। 

युवा सोच और बड़ों के आशीर्वाद से जीतूंगा: आश्रय

Lok Sabha Election 2019 Result: CM jairam reputation and sukhram political future on stake

आश्रय शर्मा का कहना है कि वह चुनाव जीतेंगे। कांग्रेस आलाकमान ने टिकट देकर जो विश्वास उन पर जताया है, वह उसे पूरा करेंगे। पांच सालों में सांसद रामस्वरूप अपने संसदीय क्षेत्र से ही गायब रहे।

लोग उन्हें ढूंढ रहे हैं। लोगों में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ काफी रोष है। उनकी जीत तय है। क्योंकि उन्हें वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम का साथ है। दोनों हिमाचल के लिए विकास के मसीहा हैं।

पंडित सुखराम ने कई परिवारों के घरों को रोजगार दिया है। जबकि देश भर में दूर संचार क्रांति लाने में अहम भूमिका निभाई है। अपनी युवा सोच और दादा एवं कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के दम पर वह जीतेंगे।

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