लोकसभा चुनाव 2019: नेताओं की जेब पर भारी पड़ेंगे ‘डीजे वाले बाबू’
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लोकसभा चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के पाई-पाई खर्च पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी। चुनावी रैली में टेंट, कुर्सी, फर्नीचर, डेकोरेशन और अन्य सामान के खर्च का भी आकलन किया जाएगा। रैली के दौरान डीजे वाले को 1500 रुपये और लोकल बैंडबाजे के 500 से 5000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से खर्च में जोड़े जाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर ने विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ मूल्यांकन चार्ट पर चर्चा कर इसकी दरें निर्धारित की हैं। मूल्यांकन चार्ट के मुताबिक सामान्य कुर्सी 5 रुपये, सोफा 500 रुपये, वीआईपी कुर्सी 20 रुपये, सामान्य टेबल 50 रुपये, जमीन पर बिछाने के लिए दरी 50 रुपये, पोलिंग एजेंट तथा कैंपेन में कार्य करने वालों के लिए 500 रुपये दैनिक मजदूरी, लाउड स्पीकर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दरें तय की गई हैं। इसके अलावा पंडाल बनाने के लिए 2000 रुपये, कपड़े के बैनर 20 रुपये से 450 रुपये तक और कपड़े के झंडे के लिए 20 से 50 रुपये निधारित किए गए हैं।
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राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को चुनाव खर्च के लिए अलग खाता खुलवाना होगा। साथ ही चुनाव उद्देश्य के लिए समर्पित बैंक खाता संख्या की जानकारी नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए उम्मीदवार द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को देनी होगी। आवधिक अंतराल के पश्चात व्यय पर्यवेक्षक द्वारा इसका आकलन किया जाएगा।
जिला में व्यय निगरानी कमेटियां गठित
जिला निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने कहा कि व्यय निगरानी के लिए जिला में टीमें गठित कर दी गई हैं। उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की निगरानी तथा चुनाव व्यय पर्यवेक्षकों द्वारा व्यय का आकलन करने के लिए दर चार्ट के बारे में राजनीतिक दलों के सदस्यों को अवगत करवा दिया गया है। इसके अलावा आदर्श आचार संहिता के बारे में भी बैठक में जानकारी दी गई है।