सत्ती को चेतावनी, नेताओं की निजी जिंदगी पर न करें टिप्पणी
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बदजुबानी के चलते 48 घंटे तक प्रचार पर प्रतिबंध झेल चुके भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती को जिला निर्वाचन अधिकारी ऊना ने चेतावनी जारी की है। कहा गया है कि वह नेताओं की निजी जिंदगी को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी या बयानबाजी करने से बचें।
डीईओ ऊना की ओर से यह कार्रवाई सत्ती को कांग्रेसी नेता राहुल-प्रियंका के खिलाफ बदजुबानी करने पर दिए गए नोटिस के जवाब के बाद की गई है। भले ही आयोग ने चेतावनी दी है लेकिन सत्ती के लिए यह राहत से कम नहीं है।
दरअसल, बद्दी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर मंच से अपशब्द कहने के आरोप के बाद चुनाव आयोग ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर कड़ी कार्रवाई करते हुए चुनाव प्रचार पर 48 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था।
हिमाचल के सियासी इतिहास में यह पहली बार था, जब किसी राजनेता पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई हो। हालांकि इसी दौरान सत्ती पर एक और आरोप लगा कि ऊना में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राहुल व प्रियंका के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है और यह आचार संहिता का उल्लंघन है।
सत्ती ने इस नोटिस का बीते शुक्रवार को जवाब देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन 48 घंटे के प्रतिबंध के बाद इस बात की उम्मीद जताई जा रही थी कि आयोग दूसरे मामले में भी कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
प्रचार से प्रतिबंध हटते ही कांग्रेस पर कसा तंज
हालांकि, आयोग ने तीन दिन में जवाब का अध्ययन करने के बाद सत्ती को चेतावनी देते हुए छोड़ दिया है। प्रचार से 48 घंटे का प्रतिबंध हटते ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस नेताओं पर नाम लिए बगैर तंज कसे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है। कमजोर कप्तान और उलझे हुए नाविक बहुत दिनों तक इसे डूबने से नहीं बचा पाएंगे। लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को अंतर्कलह ही ले डूबेगा।
अभी तक जो लड़ाई बंद कमरों में दिख रही थी, चुनाव के बाद वह सड़कों पर दिखेगी। सत्ती ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस ने अपने 60 वर्षों के शासनकाल में देश को खोखला करने में कोई कसर नहीं रखी।