लोकसभा चुनाव 2019: मुख्यमंत्री, मंत्रियों के लिए लीड बरकरार रखने की चुनौती
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हिमाचल प्रदेश में डेढ़ वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में जीते विधायकों के लिए लोकसभा चुनाव में लीड को बरकरार रखने की चुनौती होगी। चाहे विधायक कांग्रेस का हो या भाजपा का। दोनों दलों के विधायकों को अपनी जीत के अंतराल को लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार को दिलाने के लिए पसीना बहाना होगा। सूबे की टॉप दस बड़ी जीत में सिर्फ भाजपा के ही विधायक शामिल हैं।
इनमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह, ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा व स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार शामिल हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में नाचन के विधायक विनोद कुमार ने सूबे में सबसे ज्यादा वोट लेकर रिकॉर्ड बनाया है।
नाचन से विनोद कुमार 15896, बल्ह के इंद्र सिंह गांधी 12811, बैजनाथ के मुल्ख राज प्रेमी 12669, पांवटा साहिब से सुखराम 12619, धर्मपुर के महेंद्र सिंह 11964, सराज के जयराम ठाकुर 11254, जयसिंहपुर के रविंद्र सिंह 10710, घुमारवीं के राजेंद्र गर्ग 10435, सुलह के विपिन परमार 10291, मंडी सदर के अनिल शर्मा ने 10257 वोटों से जीत दर्ज की थी। अब अनिल शर्मा अपने बेटे को लीड दिलवाएं या भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप को, इस पर सबकी नजर रहेगी।
मंडी संसदीय क्षेत्र से बड़ी जीत वाले ये हैं चार विधायक
विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत से विधायक बने चार भाजपा नेता मंडी संसदीय क्षेत्र से हैं। इनमें सीएम जयराम ठाकुर, विनोद कुमार, इंद्र सिंह गांधी और अनिल शर्मा शामिल हैं। वहीं, कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से विपिन परमार, मुल्ख राज प्रेमी व रविंद्र सिंह, जबकि हमीरपुर में राजेंद्र गर्ग और महेंद्र सिंह व शिमला में सुखराम चौधरी हैं।