वीरभद्र के तीनों हलकों से भाजपा को बढ़त, मिली रिकॉर्ड लीड
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छह बार के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के नए और पुराने विधानसभा क्षेत्रों में भी मोदी का मैजिक ही चला। अर्की, शिमला ग्रामीण और रोहड़ू हलकों में कांग्रेस के सबसे बड़े दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह भी अपने प्रत्याशी को लीड नहीं दिला पाए।
भाजपा को सबसे ज्यादा लीड पूर्व सीएम के मौजूदा विधानसभा क्षेत्र सोलन के अर्की से है। यहां भाजपा के सुरेश कश्यप को 29,454 मतों की बढ़त मिली। विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह मात्र 6051 वोटों से ही जीत दर्ज करने में कामयाब रहे।
यहां से ठीक-ठाक लीड की उम्मीद लगाए कांग्रेस प्रत्याशी धनीराम शांडिल को बड़ा झटका लगा है। वीरभद्र सिंह के अर्की से पहले के विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण से भी कांग्रेस पीछे ही रही।
यहां से वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस विधायक हैं। यहां भाजपा को 15,962 मतों की बढ़त मिली। वीरभद्र की परंपरागत सीट रोहड़ू से भी निराशा ही हाथ लगी।
अर्की में काम कर गई भाजपा की एकजुटता
यहां भाजपा ने 8,151 की लीड ली। तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस लाज बचाने में सफल नहीं रही है। जिस क्षेत्र में वीरभद्र सिंह का पुश्तैनी घर है, वहां भी पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। रामपुर विधानसभा से भाजपा ने 11,550 वोटों की लीड लेकर इतिहास रचा। रामपुर से कांग्रेस विधायक नंदलाल हैं।
कांग्रेस अर्की विधानसभा क्षेत्र को सबसे अधिक लीड वाला हलका मानकर चली थी। लेकिन तमाम अंकगणित के विपरीत भाजपा को लोगों का भारी समर्थन मिला है। भाजपा की एकजुटता भी यहां एक कारण रही।
यहां दो बार के विधायक रहे गोविंद राम शर्मा का टिकट 2017 में काटकर रत्न सिंह पाल को मैदान में उतारा था। इसके बावजूद भाजपा में कोई ज्यादा मनमुटाव उभरकर सामने नहीं आया।
रत्न सिंह पाल और गोविंद राम शर्मा दोनों ही राजनीतिक मंच एक साथ साझा करते रहे। जयराम ठाकुर की जनसभा व रोड शो ने भी हवा को अपने पक्ष में करने का काम किया।