दिल्ली में फंसीं छात्राओं के बैंक खाते में एसडीएम ने भेजा किराया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के कांगड़ा जिले के पालमपुर प्रशासन का महिला सुविधा सेवा केंद्र हेल्पलाइन दैहण की मातृछाया की दिल्ली में फंसी छात्राओं के लिए मददगार साबित हुआ है। एसडीएम ने बैंक खाते में किराये के पैसे भेजकर इनके घर जाने की राह आसान कर दी है। बाहरी राज्यों की 28 छात्राएं पालमपुर के दैहण के भारतीय जन सेवा संस्थान मातृछाया छात्रावास से अपने घर चली गई थीं, लेकिन लॉकडान के चलते 22 मार्च से दिल्ली में फंसी हैं। ये 40 दिन से दिल्ली के सनातम धर्म मंदिर, नेहरू नगर जैसे रेड जोन क्षेत्र में फंसी हैं। इनके अभिभावक भी परेशान हैं। अब कुछ ट्रेनें शुरू होने से इन छात्राओं के घर पहुंचने की आस जगी है। अब उत्तर-पश्चिम राज्यों असम, मेघालय और नागालैंड की छात्राओं के लिए रेल किराये का भुगतान मुसीबत बन गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के फेसबुक पर उन्हें कोरोना जैसी आपदा में महिलाओं की सहायता के लिए पालमपुर प्रशासन की ओर महिला सुविधा सेवा केंद्र के नाम से हेल्पलाइन की जानकारी मिली तो इन्होंने हेल्पलाइन पर फोन किया। तैनात महिला अधिकारी ने उनकी समस्या उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई। छात्रावास की संचालिका शीतल बताया कि महिला हेल्पलाइन में बात करने के बाद एसडीएम पालमपुर धर्मेश रामोत्रा ने फोन कर उनका हाल जाना। उन्होंने वीरवार को छात्राओं के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने बताया कि हेल्पलाइन पर आई समस्या का समाधान कर छात्राओं के खाते में 30 हजार रुपये डाल दिए हैं।