नए उच्च शिक्षा निदेशक के पद लिए लाबिंग तेज, ये नाम हैं दौड़ में शामिल
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उच्च शिक्षा निदेशक पद के लिए लांबिग तेज हो गई है। पूर्व निदेशक डॉ. बीएल बिंटा और संयुक्त निदेशक अमरजीत शर्मा इस पद की दौड़ में शामिल हैं। वर्तमान निदेशक डॉ अमरेदव और अतिरिक्त निदेशक डॉ. उमा वर्मा की इसी माह सेवानिवृत्त होने हैं। ऐसे में सचिवालय से लेकर शिक्षा निदेशालय तक नए निदेशक को लेकर इन दिनों खूब चर्चा हो रही है।
प्रदेश में सबसे अधिक कर्मचारियों वाले शिक्षा विभाग की सरदारी के लिए दावेदारों ने पूरी ताकत झोंक दी है। कॉलेज कैडर के अधिकारियों को ही आज तक उच्च शिक्षा निदेशक बनाया गया है। स्कूल कैडर को संयुक्त निदेशक के पद से ऊपर नहीं लाया जाता है। वर्तमान में अमरजीत शर्मा निदेशालय में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्त हैं।
एमएल आजाद वैसे तो उच्च शिक्षा निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक हैं, लेकिन स्कूल कैडर से होने के चलते इन्हें निदेशक नहीं बनाया जाएगा। उधर, दिसंबर 2017 तक निदेशक पद पर रहे डॉ. बीएल बिंटा इन दिनों सचिवालय में बतौर शिक्षा सलाहकार बनाकर बैठाए गए हैं।
डॉ. बिंटा सितंबर में सेवानिवृत्त होने हैं। ऐसे में इन्हें भी सरकार निदेशक बना सकती है। जानकारों के मुताबिक कांग्रेस सरकार में निदेशक पद पर रहे डॉ. बिंटा की दोबारा ताजपोशी होना मुश्किल है। ऐसे में संयुक्त निदेशक अमरजीत शर्मा की लॉटरी खुल सकती है।
सेवाविस्तार मिलने की भी है चर्चा
उच्च शिक्षा निदेशक अमरदेव को सेवा विस्तार देने की चर्चा भी खूब चली हुई है। सूत्र बताते हैं कि उच्च शिक्षा निदेशक अमरदेव को सेवा विस्तार देने की फाइल चल पड़ी है। इसको लेकर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लेना है। सेवा विस्तार मिलेगा या नहीं इसका खुलासा तो जून के आखिरी सप्ताह में होगा।
आईएएस लगाने की मुहिम फुस्स- बीते दिनों आईएएस को उच्च शिक्षा निदेशक बनाने की मुहिम भी शुरू हुई थी। निदेशालय से इस बाबत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। गहन मंथन के बाद और शिक्षक संगठनों के विरोध के चलते हालांकि यह मुहिम अब फुस्स हो गई है। कॉलेज कैडर से ही निदेशक बनाए जाने की चर्चा है।