{"_id":"66feabc6ada15f3aea04ee1a","slug":"loan-taken-in-womans-name-fraudulently-shimla-news-c-19-sml1001-419398-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: फर्जी तरीके से महिला के \nनाम पर ले लिया ऋण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: फर्जी तरीके से महिला के नाम पर ले लिया ऋण
विज्ञापन
बालूगंज पुलिस ने शुरू की जांच
खाते से किस्त कटने के बाद चला पता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के एक निजी बैंक में खाताधारक के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बैंक के कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में नीलम शर्मा निवासी लोअर चक्कर ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले निजी बैंक का एक कर्मचारी उनके ऑफिस में आया था और उनसे बैंक में खाता खुलवाने का आग्रह किया। इस आधार शिकायतकर्ता ने निजी बैंक में खाता खुलवाया और एक लाख रुपये की एफडी भी करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी बैंक के कर्मी जयंत ने खाता खुलने के बाद उनका एटीएम सक्रिय करवाया। इसके बाद कर्मचारी उनकी अनुमति के बगैर उनके खाते का नेट बैकिंग के जरिये इस्तेमाल करता रहा। इसी दौरान 5 फरवरी को उन्हें बैंक से 5238 की किस्त काटने का मैसेज आया।
इस बारे में पूछने पर कर्मी ने बताया कि आपने ऑनलाइन शॉपिंग की है। इसके बाद शिकायतकर्ता बैंक पहुंची और मामले की पड़ताल की तो पता चला कि उन्होंने 83,325 रुपये का ऋण भी लिया है। उन्होंने इस बारे में बैंक के अधिकारियों से बात की और इस खाते को बंद करने की बात भी कही लेकिन बैंक ने यह कहते हुए खाता बंद करने से इन्कार कर दिया कि इस खाते पर ऋण चल रहा है, ऐसे में इसे बंद नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कुछ बैंक कर्मी और अधिकारी की वजह से हुआ है। पुलिस ने नीलम शर्मा की शिकायत इस संबंध में आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खाते से किस्त कटने के बाद चला पता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के एक निजी बैंक में खाताधारक के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बैंक के कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में नीलम शर्मा निवासी लोअर चक्कर ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले निजी बैंक का एक कर्मचारी उनके ऑफिस में आया था और उनसे बैंक में खाता खुलवाने का आग्रह किया। इस आधार शिकायतकर्ता ने निजी बैंक में खाता खुलवाया और एक लाख रुपये की एफडी भी करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी बैंक के कर्मी जयंत ने खाता खुलने के बाद उनका एटीएम सक्रिय करवाया। इसके बाद कर्मचारी उनकी अनुमति के बगैर उनके खाते का नेट बैकिंग के जरिये इस्तेमाल करता रहा। इसी दौरान 5 फरवरी को उन्हें बैंक से 5238 की किस्त काटने का मैसेज आया।
विज्ञापन
इस बारे में पूछने पर कर्मी ने बताया कि आपने ऑनलाइन शॉपिंग की है। इसके बाद शिकायतकर्ता बैंक पहुंची और मामले की पड़ताल की तो पता चला कि उन्होंने 83,325 रुपये का ऋण भी लिया है। उन्होंने इस बारे में बैंक के अधिकारियों से बात की और इस खाते को बंद करने की बात भी कही लेकिन बैंक ने यह कहते हुए खाता बंद करने से इन्कार कर दिया कि इस खाते पर ऋण चल रहा है, ऐसे में इसे बंद नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कुछ बैंक कर्मी और अधिकारी की वजह से हुआ है। पुलिस ने नीलम शर्मा की शिकायत इस संबंध में आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन