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Shimla News: आईजीएमसी में लिवर, किडनी और हार्ट के टेस्ट बंद
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अस्पताल की सरकारी लैब की मशीन खराब होने से मरीज हुए परेशान, निजी लैब में भेजे सैंपल
अब बुधवार सुबह 10 बजे मिलेगी मरीजों को रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की सरकारी लैब में लिवर, किडनी, शुगर और हार्ट के टेस्ट मंगलवार को नहीं हुए। इस वजह से अस्पताल में उपचार करवाने आए सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आईजीएमसी में मंगलवार को मेडिसिन, सर्जरी, बालरोग समेत विभिन्न विभागों की ओपीडी में भारी संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए आए थे। उपचार के बाद मरीज जब सैंपल देने काउंटर पर गए तो पता चला कि मशीन खराब है। इसके बाद आनन-फानन में सैंपलों को जांच के लिए निजी क्रस्ना लैब में भेजा गया। इस लैब की रिपोर्ट मरीजों को बुधवार सुबह 10 बजे के बाद ही मिलेगी। इस कारण अब मरीजों का उपचार बुधवार को ही हो पाएगा। अस्पताल आए अनिल, भूपेंद्र ने बताया कि वह मंडी और सोलन से यहां पर आए हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से आने के कारण यहां ठहरना मुश्किल है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि यहां पर आधुनिक मशीनें लगाई जाएं जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए परेशान न होना पड़े।
अस्पताल में नहीं बदली पुरानी मशीनें
आईजीएमसी में पुरानी मशीनों पर सैंपलों की जांच की जा रही है। ऐसे में जब यह मशीनें खराब हो जाती हैं तो पूरी व्यवस्था ठप हो जाती है। दूसरी ओर हिमाचल सरकार अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे करती है, लेकिन स्थिति इसके उल्ट हैं।
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इंजीनियर को बुलाया गया
मशीन खराब होने की सूचना मिली है। इसे ठीक करने के लिए इंजीनियर बुलाया है। मरीजों को परेशानी पेश न आए इसलिए अधिकृत निजी लैब में सैंपलों की जांच करवाई है। किसी भी मरीज को परेशानी पेश नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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अब बुधवार सुबह 10 बजे मिलेगी मरीजों को रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की सरकारी लैब में लिवर, किडनी, शुगर और हार्ट के टेस्ट मंगलवार को नहीं हुए। इस वजह से अस्पताल में उपचार करवाने आए सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आईजीएमसी में मंगलवार को मेडिसिन, सर्जरी, बालरोग समेत विभिन्न विभागों की ओपीडी में भारी संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए आए थे। उपचार के बाद मरीज जब सैंपल देने काउंटर पर गए तो पता चला कि मशीन खराब है। इसके बाद आनन-फानन में सैंपलों को जांच के लिए निजी क्रस्ना लैब में भेजा गया। इस लैब की रिपोर्ट मरीजों को बुधवार सुबह 10 बजे के बाद ही मिलेगी। इस कारण अब मरीजों का उपचार बुधवार को ही हो पाएगा। अस्पताल आए अनिल, भूपेंद्र ने बताया कि वह मंडी और सोलन से यहां पर आए हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से आने के कारण यहां ठहरना मुश्किल है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि यहां पर आधुनिक मशीनें लगाई जाएं जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए परेशान न होना पड़े।
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अस्पताल में नहीं बदली पुरानी मशीनें
आईजीएमसी में पुरानी मशीनों पर सैंपलों की जांच की जा रही है। ऐसे में जब यह मशीनें खराब हो जाती हैं तो पूरी व्यवस्था ठप हो जाती है। दूसरी ओर हिमाचल सरकार अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे करती है, लेकिन स्थिति इसके उल्ट हैं।
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इंजीनियर को बुलाया गया
मशीन खराब होने की सूचना मिली है। इसे ठीक करने के लिए इंजीनियर बुलाया है। मरीजों को परेशानी पेश न आए इसलिए अधिकृत निजी लैब में सैंपलों की जांच करवाई है। किसी भी मरीज को परेशानी पेश नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी