फंसे कन्हैया कुमार, सेना के खिलाफ बयान पर लीगल नोटिस जारी
- सेवानिवृत्त सूबेदार काहन ने कन्हैया से मांगा जवाब
- जवाब न मिलने पर धर्मशाला कोर्ट में चलेगा मामला
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ मंडी के सेवानिवृत्त सूबेदार काहन सिंह ठाकुर ने लीगल नोटिस जारी करवाया है। काहन सिंह ने नोटिस के माध्यम से कन्हैया पर देश की सेना के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी करके देशद्राही होने का आरोप लगाया है। नोटिस का 15 दिन में जवाब न मिलने पर धर्मशाला कोर्ट में कन्हैया कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
मंडी जिला के पद्धर तहसील के सूबेदार काहन सिंह ठाकुर ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से उन्हें सूचना मिली है कि नौ मार्च को जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष ने भारतीय सेना के खिलाफ बयान जारी करके सैनिकों पर जम्मू कश्मीर में महिलाओं के साथ दुराचार करने की बात कही है। काहन सिंह का आरोप है कि कन्हैया कुमार सुर्खियां बटोरने के लिए देश और सेना के खिलाफ ऐसे अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं।
धर्मशाला कोर्ट में दायर करेंगे देशद्रोह का मामला
उधर, काहन सिंह के वकील विश्व चक्षु ने कहा कि जेएनयू अध्यक्ष को 12 फरवरी को विवि परिसर में देशविरोधी नारे लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया। कन्हैया कुमार को छह माह की जमानत इस शर्त पर दी गई कि वह देश विरोधी कोई भी गतिविधि नहीं करेंगे और न ही देश के खिलाफ कोई बयानबाजी करेंगे। लेकिन जमानत मिलने के बाद देश के सैनिकों के खिलाफ बयानबाजी करना कोर्ट के आदेशों की अवमानना के बराबर है।
उन्होंने कहा कि संविधान के आर्टिकल नंबर 19 में फ्रीडम ऑफ स्पीच में कहीं भी नहीं दर्शाया गया है कि आप विचारों की स्वतंत्रता के आधार पर देश और देश की सेना के खिलाफ बयान दें। उन्होंने कहा कि 15 दिन में लीगल नोटिस का जवाब न मिलने पर कन्हैया लाल के खिलाफ देशद्रोह का मामला धर्मशाला कोर्ट में दायर किया जाएगा।