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Shimla News: चार साल में ही टपकने लगा 10 करोड़ से बनाया आजीविका भवन, उखाड़नी पड़ी छत
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साल 2022 में तैयार हुआ आजीविका भवन, छत से पानी रिसने से निचली दुकानों में रखा सामान हो रहा खराब
अब टाइलें उखाड़कर की जाएगी वाटर प्रूफिंग, दुकानदारों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में तिब्बती मार्केट और तहबाजारियों को बसाने के लिए बनाया गया नगर निगम का सबसे बड़ा मॉल आजीविका भवन चार साल में ही टपकने लगा है। छत से रिस रहे पानी से निचली मंजिल की दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है। ऐसे में अब इसकी छत उखाड़नी पड़ी है। नगर निगम को इसकी मरम्मत का काम शुरू करवाना पड़ा है। इसके भवन के टैरेस पर बनाए गए स्टॉल में लोअर बाजार के तहबाजारियों को शिफ्ट करने की योजना भी फिलहाल ठप पड़ गई है।
नगर निगम ने करीब दस करोड़ रुपये की लागत से इस भवन को साल 2022 में तैयार किया था। यह शहर में सबसे बड़ा मॉल है। यहां बेकरी समेत कुल 229 दुकानें बनाई गई हैं। हालांकि, तिब्बती मार्केट को छोड़कर बाकी ज्यादातर दुकानें अब बंद पड़ी हैं। हाल ही में नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने इस मॉल का निरीक्षण किया था। इस दौरान दुकानदारों ने टपकती छत का मामला उठाया था। दुकानदारों की समस्या को सही पाते हुए आयुक्त ने अब इसकी मरम्मत के निर्देश दिए हैं। इसलिए अब बरसात थमते ही टैरेस पर लगाई टाइलें उखाड़ दी गई हैं। इसकी वाटर प्रूफिंग की जा रही है।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि भवन में अब दुकानदारों को परेशानी नहीं आएगी। जल्द ही काम पूरा किया जाएगा।
तहबाजारियों की शिफ्टिंग अटकी
नगर निगम ने लोअर बाजार को नो वेंडिंग जोन घोषित करते हुए यहां बैठ रहे तहबाजारियों को आजीविका भवन के टैरेस पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए हैं। यहां तहबाजारियों के लिए छतनुमा स्टॉल बनाए गए हैं। हालांकि, अब टैरेस को उखाड़ दिया गया है। ऐसे में तहबाजारी यहां शिफ्ट नहीं हो पाएंगे। दूसरी ओर तहबाजारी भी यहां शिफ्ट होना नहीं चाहते। सब्जी मंडी सड़क बंद होने के कारण यहां लोगों की आवाजाही अब बेहद कम है। ऐसे में तहबाजारियों का कहना है कि उन्हें दूसरी जगह बसाया जाए।
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अब टाइलें उखाड़कर की जाएगी वाटर प्रूफिंग, दुकानदारों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में तिब्बती मार्केट और तहबाजारियों को बसाने के लिए बनाया गया नगर निगम का सबसे बड़ा मॉल आजीविका भवन चार साल में ही टपकने लगा है। छत से रिस रहे पानी से निचली मंजिल की दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है। ऐसे में अब इसकी छत उखाड़नी पड़ी है। नगर निगम को इसकी मरम्मत का काम शुरू करवाना पड़ा है। इसके भवन के टैरेस पर बनाए गए स्टॉल में लोअर बाजार के तहबाजारियों को शिफ्ट करने की योजना भी फिलहाल ठप पड़ गई है।
नगर निगम ने करीब दस करोड़ रुपये की लागत से इस भवन को साल 2022 में तैयार किया था। यह शहर में सबसे बड़ा मॉल है। यहां बेकरी समेत कुल 229 दुकानें बनाई गई हैं। हालांकि, तिब्बती मार्केट को छोड़कर बाकी ज्यादातर दुकानें अब बंद पड़ी हैं। हाल ही में नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने इस मॉल का निरीक्षण किया था। इस दौरान दुकानदारों ने टपकती छत का मामला उठाया था। दुकानदारों की समस्या को सही पाते हुए आयुक्त ने अब इसकी मरम्मत के निर्देश दिए हैं। इसलिए अब बरसात थमते ही टैरेस पर लगाई टाइलें उखाड़ दी गई हैं। इसकी वाटर प्रूफिंग की जा रही है।
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नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि भवन में अब दुकानदारों को परेशानी नहीं आएगी। जल्द ही काम पूरा किया जाएगा।
तहबाजारियों की शिफ्टिंग अटकी
नगर निगम ने लोअर बाजार को नो वेंडिंग जोन घोषित करते हुए यहां बैठ रहे तहबाजारियों को आजीविका भवन के टैरेस पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए हैं। यहां तहबाजारियों के लिए छतनुमा स्टॉल बनाए गए हैं। हालांकि, अब टैरेस को उखाड़ दिया गया है। ऐसे में तहबाजारी यहां शिफ्ट नहीं हो पाएंगे। दूसरी ओर तहबाजारी भी यहां शिफ्ट होना नहीं चाहते। सब्जी मंडी सड़क बंद होने के कारण यहां लोगों की आवाजाही अब बेहद कम है। ऐसे में तहबाजारियों का कहना है कि उन्हें दूसरी जगह बसाया जाए।
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