वीडियोः देखिए वीसी के घेराव की पूरी सच्चाई
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हिमाचल पद्रेश विश्वविद्यालय में धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में पुलिस का छात्रों पर बर्बरता पूर्ण डंडा चला। प्रदर्शनकारियों और कैंपस में मौजूद आम छात्रों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें दर्जनों छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं। समरहिल क्षेत्र में जहां भी नारे लगाते या पांच से अधिक छात्र मिले पुलिस ने पहले डंडों से पीटा फिर बसों में ठूंसकर थाने पहुंचा दिया।
यही नहीं आम छात्रों और छात्राओं को भी नहीं बख्शा गया। छात्र संगठनों का आरोप है कि छात्रों को सड़क पर लेटाकर पीटा जबकि छात्राओं के बाल तक नोचे गए। बसों में भरते समय भी उन पर डंडे बरसाए गए। ये दौर वीरवार रात से जारी था जो शुक्रवार सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चलता रहा।
पुलिस की बर्बरतापूर्ण करार कार्रवाई में दर्जनों छात्र-छात्राएं चोटिल हुए हैं, जबकि 283 से अधिक विवि के छात्रों को हवालात में पहुंचाया है। इसमें 70 से अधिक छात्राएं हैं। दुखद यह है कि छात्रों पर एसपी शिमला की मौजूदगी में डंडे बरसाए गए। एक दर्जन से घायल हुए हैं।
मीडिया कर्मियों से भी पुलिस ने की बदसलूकी
उन्हें रोकने के बजाय पुलिस कर्मियों ने मीडिया कर्मियों को ही धमका दिया। उन्हें कवरेज से रोका और कहा कि कैमरे बंद कर दो, वरना तोड़ देंगे। उधर, पुलिस का कहना है कि विवि पुस्तकालय के बाहर उन पर पथराव किया गया। पथराव में उनकी गाडि़यों को नुकसान पहुंचा। एक कांस्टेबल महेंद्र भी पत्थर लगने से घायल हुआ है। देर शाम सभी छात्रों को छोड़ दिया गया है।
एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि विवि से सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाना न्यू शिमला, थाना बालूगंज और महिला थाना में ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों से तीनों हवालात भर गई हैं। धारा 144 का उल्लंघन करने पर विवि परिसर में प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग किया गया।
इस कार्रवाई के दौरान छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया गया। इसमें पुलिस की गाडि़यों को नुकसान पहुंचा और एक कांस्टेबल को पत्थर लगा। देर शाम सभी छात्रों को छोड़ दिया गया है।
आधी रात को उठाई छात्रा और छात्र
वीरवार आधी रात को पुलिस ने पुस्तकालय के बाहर अनशन पर बैठी एसएफआई की छात्रा और एक छात्र को पीटा और उन्हें थाने ले गए। वहीं, पौने बारह बजे समरहिल चौक पर अनशन पर बैठे एबीवीपी कार्यकर्ताओं को भी पुलिस जबरन उठाकर थाने ले गई।
एसपी की मौजूदगी में लाठीचार्ज, एक दर्जन घायल
पुस्तकालय के पास एसपी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई में बीस मिनट में शिव कुमार, अजय, पारितोष, राजेंद्र, उजाला, अमित, सुरेश, खुशबू, निहारिका, श्वेता और छवि को चोटें आई हैं। इनमें एक छात्र के सिर पर गहरी चोट आई है।
छात्रों को लात, डंडों से मारा
गेट के बाहर खड़े छात्रों का आरोप है कि पुलिस के पुरुष पुलिस कर्मियों और कमांडो ने लड़कियों को लात और डंडों से मारा। उनके बाल खींचे गए। इस कार्रवाई से आम छात्रों में गुस्सा है कि उनका क्या कसूर था।
लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों को क्यों पुलिस ने डंडा चलाया और थाने पहुंचाया। हर किसी को विवि में जाने से रोका गया। इसमें आने आम जनता भी परेशान हुई।
चार ब्वॉयज हॉस्टल अनिश्चितकाल के लिए बंद
सुबह सात बजे से ही कैंपस में सैकड़ों पुलिस जवान पहुंच गए थे। विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर आठ बजे से पुलिस का कड़ा पहरा रहा। विवि परिसर किसी आतंक प्रभावित क्षेत्र की तरह लग रहा था। गेट पर खड़े कमांडो हर किसी के आई कार्ड चेक कर रहे थे। पुस्तकालय के बाहर छात्रों को खड़े तक नहीं होने दिया गया। परिसर में चारों ओर पुलिस के सैकड़ों जवान ही नजर आ रहे थे। पुलिस की मौजूदगी से आम छात्र डरे सहमे हुए थे। छात्राएं अपने विभाग तक जाने से कतरा रही थीं।
विश्वविद्यालय सहित पूरे समरहिल क्षेत्र में धारा 144 लागू करने और परिसर के बिगड़े हालात को आधार बनाकर विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने ब्वॉयज के चारों छात्रावासों को अनिश्िचितकाल के लिए बंद करने के आदेश कर दिए हैं। छात्रावासों को खाली करने के लिए प्रशासन ने 24 घंटे तक का समय दिया है।
करीब 600 छात्रों को शनिवार शाम पांच बजे तक हर हाल में छात्रावास खाली करने होंगे। विश्वविद्यालय के चीफ वार्डन प्रो. रघुविंद्र सिंह ने छात्रावासों को बंद करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कुलपति के आदेशों के मुताबिक एचपीयू के श्रीखंड, शहीद भगत सिंह, डा. वाईएस परमार और टैगोर छात्रावासों को बंद किया जा रहा है। फिलहाल छात्राओं के हॉस्टल खुले रहेंगे।
एसएफआई के नौ छात्र नेता किए विवि से निष्कासित
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने एसएफआई के नौ छात्र नेताओं का निष्कासित कर दिया है। इन छात्रों पर लगातार विश्वविद्यालय में गैर अनुशासनात्मक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने और प्रतिबंध के बावजूद परिसर में धरने प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं में शामिल होने का आरोप था।
बुधवार को विवि मुख्य गेट पर कुलपति के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप भी था। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के घटना के बाद जारी किए बयान के मुताबिक विवि प्रशासन ने निष्कासन की प्रक्रिया को पूरा कर दिया है। निष्कासित किए गए छात्रों में एसएफआई के राज्य सह सचिव पुनीत धांटा, पूर्व एससीए अध्यक्ष राहुल चौहान, राजन हारटा, एसएफआई की विवि इकाई के सचिव होश्यिार सिंह, विक्रम कायथ, नंदन करोल और जीता सिंह सहित पूर्व एससीए सचिव पियूष सेवल शामिल है।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला ने इन छात्रों को विवि से निष्कासित किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि विवि की हाई पॉवर कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक यह फैसला लिया गया है। इसके आदेश भी जारी कर दिए गए है। उन्होंने कहा कि कुलपति के आदेशों पर हुई हाई पॉवर कमेटी की बैठक में इन छात्रों पर बार बार परिसर में नियमों का उल्लंघन करने, कोर्ट के आदेशों के बावजूद पुस्तकालय के बाहर बार बार धरना प्रदर्शन करने, नारेबाजी और नुक्कड़ नाटक कर अकादमिक माहौल खराब करने के आरोप थे।
इन छात्रों को पहले ही विवि प्रशासन की ओर से कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे। उनके जवाब आने पर ही हाई पॉवर कमेटी ने यह फैसला लिया है। कमेटी में डीएस, डीएस डब्लू, चीफ वार्डन, कुलसचिव सेक्रेटरी टू वीसी आदि शामिल थे।
हद हो गई तानाशाही की
पहले ही पुलिस छावनी में बदले प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ाई ठप है। ऊपर से लाइब्रेरी के बाहर खड़े छात्रों पर पुलिस की ओर से बरसाई गई लाठियों से आम छात्र आहत हैं। कहते हैं यह तो सरकार और पुलिस प्रशासन की तानाशाही की हद है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और विवि परिसर में धारा-144 लगाने का विरोध किया है।
आम छात्रों के मुताबिक विवि परिसर में धरना-प्रदर्शन पर भले ही प्रतिबंध लगे, मगर राह चलते आम छात्रों को पीटना कहां तक उचित है। लाइब्रेरी में परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और शोध छात्रों को भी नहीं बख्शा गया। पुस्तकालय में 20 सितंबर से शुरू होने वाली एमफिल परीक्षा की तैयारी कर रहे चंदन सिंह ने कहा कि परिसर में ऐसा माहौल भी नहीं है कि धारा-144 लगा दी जाए।
अभिषेक ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी कारण के लाइब्रेरी के गेट पर खड़े छात्रों पर लाठियां बरसाईं। इससे छात्रों को चोटें आई हैं। सुचित्र ने पुलिस की बर्बरता का विरोध किया और कहा कि विवि और पुलिस प्रशासन ने ही माहौल को तनावपूर्ण बनाया है। हिना का कहना है कि परिसर में हर तरफ पुलिस ही नजर आ रही है।
इतने पुलिस जवानों की यहां जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय के मुख्य गेट पर पुलिस ने छात्रों को पीटा है। छात्राओं पर भी पुरुष जवानों ने डंडे बरसाए। लोक प्रशासन विभाग के छात्र रोहित कहते हैं कि पुलिस ने उन पर भी लाठियां भांजी। इसके निशान उनकी बाजू पर साफ नजर आ रहे हैं।
पुलिस ने पुस्तकालय के गेट पर खड़े एमपीएड के छात्र विकास ठाकुर को भी पीटा। गेट का शीशा टूटकर उनके हाथ में लगा। इससे काफी चोट आई है। शोध छात्रा सीमा और रंजना ने कहा कि परिसर में पुलिस करे सो करे, मगर लाइब्रेरी में आकर छात्रों को पीटना गलत है। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में आम और परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का पढ़ना मुश्किल हो गया है।
दफ्तर पहुंचे विवि के प्रशासनिक अधिकारी
कुलसचिव प्रो. मोहन झारटा सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को अपने कार्यालय पहुंचकर कार्य किया। इन अधिकारियों को कुलपति ने लिखित में पत्र भेजकर कहा है कि वे पूर्व की तरह कार्य करते रहें। विवि के अधिकारियों का घेराव करने और रास्ता रोके जाने की मिली छात्र संगठन के धमकियों और मौजूदा हालात को उन्होंने प्रदेश सरकार के समक्ष उठाकर, अतिरिक्त पुलिस बल और जवान मांगे हैं।
इसके बाद विवि परिसर में इनकी तैनाती भी कर दी है। कुलपति ने इन अधिकारियों से कहा कि परिसर में उनके कार्य में किसी तरह की बाधा न आए और उन पर किसी तरह का हमला न हो यह पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से सुनिश्चित किया जा रहा है। इसलिए कुलपति ने सभी अधिकारियों के इस्तीफे को नामंजूर कर पद पर बने रहकर कार्य करने को कहा है।
बीते दिन कुलसचिव प्रो. मोहन झारटा, डीएस प्रो. टीसी भल्ला, डीएसडब्ल्यू प्रो. एमएस चौहान, चीफ वार्डन प्रो. रघुविंद्र सिंह, डीन सीडीसी प्रो. एसस चौहान, डीन प्लानिंग और शिक्षक मामले प्रो. पीके आहलुवालिया और परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने संयुक्त रूप से पद छोड़ने की इच्छा जताते हुए कुलपति को त्याग पत्र सौंपे थे।
वायरल हुआ वीसी से धक्कामुक्की का वीडियो
हिमाचल प्रदेश विवि के कुलपति प्रो एडीएन वाजपेयी से हुई धक्कामुक्की का वीडियो वायरल हो गया है। इसे हिमाचल वाचर ने जारी किया है। वीडियो के शुरू में जहां वीसी की गाड़ी को दिखाया गया है।
उसके बाद के शॉट को एडिट कर दिया गया है। इसमें पुलिस वीसी को एस्कार्ट किए हुए है। छात्र जब बात करने के लिए उनसे आगे बढ़ते हैं तो पुलिस उन पर लाठीचार्ज कर देती है। वीडियो shimla.amarujala.com पर देख जा सकता है।
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