मेधावी छात्रों को हिमाचल सरकार ने दिया बड़ा झटका
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दसवीं और बारहवीं के दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हाथों लैपटॉप नहीं मिलेंगे। अफसरशाही की लेटलतीफी की वजह से 15 अप्रैल को प्रस्तावित मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह स्थगित हो गया है। इसी सप्ताह लैपटॉप खरीद के लिए ऑर्डर किया गया है। कंपनी अब करीब दो सप्ताह बाद लैपटॉप मुहैया करवाएगी।
कांग्रेस घोषणा पत्र में राजीव गांधी डिजिटल स्टूडेंट योजना को शामिल किया गया है। इसके तहत स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट में शामिल होने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने बताया कि हिमाचल दिवस पर लैपटॉप आवंटन नहीं हो सकेगा। कोशिश की जा रही है कि 30 अप्रैल तक मेधावियों को लैपटॉप दे दिए जाएं।
समय पर उपलब्ध नहीं हो सके लैपटॉप
उल्लेखनीय है कि बीते तीन मार्च को शिक्षा विभाग ने टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक हजार लैपटॉप चार हफ्तों के भीतर देने को कहा था। 17 मार्च को टेंडर खोले गए। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शिक्षा विभाग ने लैपटॉप खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित किए। दो कंपनियां टेक्निकल बिड में पास हुईं।
चयनित कंपनियों की फाइनेंशियल बिड के बाद एक कंपनी को टेंडर अवार्ड किया गया। इस दौरान शर्तों में और ढील देते हुए 12 अप्रैल तक सिर्फ 200 लैपटॉप देने की बात कही। बावजूद इसके लैपटॉप समय पर उपलब्ध नहीं हो सके। शैक्षणिक सत्र 2014-15 में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट में शुमार दसवीं और बारहवीं के पांच-पांच हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाना है।