{"_id":"68a4863be35382e23f00982f","slug":"landslide-in-bainmore-116-people-shifted-from-government-accommodation-shimla-news-c-19-sml1002-586936-2025-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बैनमोर में भूस्खलन, सरकारी आवासों से 116 लोग शिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बैनमोर में भूस्खलन, सरकारी आवासों से 116 लोग शिफ्ट
विज्ञापन
रामचंद्र चौक के पास सड़क धंसने से मची तबाही, दो साल में ढह गए करोड़ों रुपये के डंगे, कर्मचारी आवासों पर गिरा पेड़
रामचंद्र चौक-रिचमाउंट सड़क बंद, पैदल रास्ता भी खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बैनमोर वार्ड में रामचंद्र चौक के पास सड़क धंसने से रिहायशी काॅलोनी पर खतरा मंडरा गया है। दो साल पहले ही करोड़ों रुपये खर्च कर दुरुस्त की गई हिमुडा काॅलोनी की सड़क अब फिर से पूरी पहाड़ी के साथ धंस गई है, मंगलवार को भी यहां भूस्खलन हुआ। खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने यहां से तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक गोकुल बुटेल, आशीष बुटेल के सरकारी आवासों को खाली करवा दिया है। इसके अलावा निचली ओर सरकारी कर्मचारियों के आवासों में रह रहे 116 लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।
सड़क के ऊपरी तरह बने हिमुडा काॅलोनी के तीन बहुमंजिला भवनों को भी मौके पर लगातार हो रहे भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार साल 2023 में भी भारी बारिश के कारण हिमुडा काॅलोनी की सड़क धंस गई थी, उस समय करोड़ों रुपये खर्च कर यहां डंगे लगाए थे लेकिन दो साल के भीतर यह फिर दरक गए। सोमवार देर रात 10:15 बजे अचानक इस पहाड़ी से देवदार का एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर निचली ओर बने कर्मचारी आवासों की छत पर गिर गया। धमाके की आवाज सुनते ही लोग बाहर की ओर दौड़े। पेड़ गिरने के बाद डंगों के दरकने और इसका मलबा गिरने की आवाज सुनकर लोग सहम गए। देर रात पार्षद शीनम कटारिया मौके पर पहुंची। यहां सरकारी आवासों को खाली करवाकर इन लोगों को साथ लगते निजी होटल और एक धर्मशाला में शिफ्ट किया गया। मौके पर भूस्खलन के कारण रामचंद्र चौक से रिचमाउंट सड़क बंद कर दी है। यहां पैदल आवाजाही भी बंद है। हिमुडा काॅलोनी के लिए बनी संपर्क सड़क भी पूरी तरह से बंद हो गई है।
खतरा बन गए देवदार के बड़े पेड़, तुरंत कटवाने के आदेश
मौके पर देवदार के छह बड़े पेड़ खतरा बन गए हैं। इनमें दो पेड़ टेढ़े हो चुके हैं। पेड़ों के जड़ से उखड़ने और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इन्हें तुरंत कटवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन ने मौके पर मौजूद डीएफओ पवन चौहान को खतरा बने छह पेड़ तुरंत काटने को कहा है। इन्हें काटने का काम शुरू भी कर दिया है। दो साल पहले भी यहां देवदार के कई बड़े पेड़ कटवाए गए थे। अब और पेड़ कटने से यह पूरी पहाड़ी खाली हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर दो साल पहले लगाए डंगे पक्के नहीं थे। ये सही तरीके से नहीं लगाए गए थे।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे नेता-अधिकारी, भू वैज्ञानिक करेंगे जांच
बैनमोर में बड़े पैमाने पर हो रहे भूस्खलन का जायजा लेने के लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मंगलवार सुबह ही मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की और जल्द राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद महापौर सुरेंद्र चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप, एडीएम ज्योति राणा भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। मौके पर भूस्खलन को रोकने के लिए भू वैज्ञानिक बुलाने का भी फैसला लिया गया है। इनके सुझाव पर ही यहां राहत कार्य शुरू किया जाएगा। मौके पर बड़े-बड़े डंगे लगाना जरूरी है। इससे ही यहां भूस्खलन को रोका जा सकता है। भाजपा नेता संजय सूद, पूर्व पार्षद किमी सूद ने भी मौके पर राहतकार्य में मदद दी है। लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है।
आधी रात को खाली करने पड़े आवास
रात 10:00 बजे के बाद अचानक आवासों की छत पर पेड़ गिर गया। धमाका इतना ज्यादा था कि सभी कमरों से बाहर दौड़े। देर रात 12:00 बजे तक सभी बाहर खड़े रहे। अब हम दूसरी जगह शिफ्ट किए हैं। मौके पर लगातार भूस्खलन हो रहा है।
-संजय राठौर, स्वास्थ्य कर्मी
दो साल पहले भी यही मंजर था
दो साल पहले भी यहां भूस्खलन हुआ था। अब फिर डंगे दरक गए हैं। सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है और निचली रिचमाउंट सड़क को भी इससे खतरा है। हमारे आवासों पर पत्थर गिर रहे हैं। इसलिए इसे खाली कर दिया है।
-संजय जिनवाल, स्वास्थ्य कर्मी
विज्ञापन
रामचंद्र चौक-रिचमाउंट सड़क बंद, पैदल रास्ता भी खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बैनमोर वार्ड में रामचंद्र चौक के पास सड़क धंसने से रिहायशी काॅलोनी पर खतरा मंडरा गया है। दो साल पहले ही करोड़ों रुपये खर्च कर दुरुस्त की गई हिमुडा काॅलोनी की सड़क अब फिर से पूरी पहाड़ी के साथ धंस गई है, मंगलवार को भी यहां भूस्खलन हुआ। खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने यहां से तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक गोकुल बुटेल, आशीष बुटेल के सरकारी आवासों को खाली करवा दिया है। इसके अलावा निचली ओर सरकारी कर्मचारियों के आवासों में रह रहे 116 लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।
सड़क के ऊपरी तरह बने हिमुडा काॅलोनी के तीन बहुमंजिला भवनों को भी मौके पर लगातार हो रहे भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार साल 2023 में भी भारी बारिश के कारण हिमुडा काॅलोनी की सड़क धंस गई थी, उस समय करोड़ों रुपये खर्च कर यहां डंगे लगाए थे लेकिन दो साल के भीतर यह फिर दरक गए। सोमवार देर रात 10:15 बजे अचानक इस पहाड़ी से देवदार का एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर निचली ओर बने कर्मचारी आवासों की छत पर गिर गया। धमाके की आवाज सुनते ही लोग बाहर की ओर दौड़े। पेड़ गिरने के बाद डंगों के दरकने और इसका मलबा गिरने की आवाज सुनकर लोग सहम गए। देर रात पार्षद शीनम कटारिया मौके पर पहुंची। यहां सरकारी आवासों को खाली करवाकर इन लोगों को साथ लगते निजी होटल और एक धर्मशाला में शिफ्ट किया गया। मौके पर भूस्खलन के कारण रामचंद्र चौक से रिचमाउंट सड़क बंद कर दी है। यहां पैदल आवाजाही भी बंद है। हिमुडा काॅलोनी के लिए बनी संपर्क सड़क भी पूरी तरह से बंद हो गई है।
विज्ञापन
खतरा बन गए देवदार के बड़े पेड़, तुरंत कटवाने के आदेश
मौके पर देवदार के छह बड़े पेड़ खतरा बन गए हैं। इनमें दो पेड़ टेढ़े हो चुके हैं। पेड़ों के जड़ से उखड़ने और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इन्हें तुरंत कटवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन ने मौके पर मौजूद डीएफओ पवन चौहान को खतरा बने छह पेड़ तुरंत काटने को कहा है। इन्हें काटने का काम शुरू भी कर दिया है। दो साल पहले भी यहां देवदार के कई बड़े पेड़ कटवाए गए थे। अब और पेड़ कटने से यह पूरी पहाड़ी खाली हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर दो साल पहले लगाए डंगे पक्के नहीं थे। ये सही तरीके से नहीं लगाए गए थे।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे नेता-अधिकारी, भू वैज्ञानिक करेंगे जांच
बैनमोर में बड़े पैमाने पर हो रहे भूस्खलन का जायजा लेने के लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मंगलवार सुबह ही मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की और जल्द राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद महापौर सुरेंद्र चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप, एडीएम ज्योति राणा भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। मौके पर भूस्खलन को रोकने के लिए भू वैज्ञानिक बुलाने का भी फैसला लिया गया है। इनके सुझाव पर ही यहां राहत कार्य शुरू किया जाएगा। मौके पर बड़े-बड़े डंगे लगाना जरूरी है। इससे ही यहां भूस्खलन को रोका जा सकता है। भाजपा नेता संजय सूद, पूर्व पार्षद किमी सूद ने भी मौके पर राहतकार्य में मदद दी है। लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है।
आधी रात को खाली करने पड़े आवास
रात 10:00 बजे के बाद अचानक आवासों की छत पर पेड़ गिर गया। धमाका इतना ज्यादा था कि सभी कमरों से बाहर दौड़े। देर रात 12:00 बजे तक सभी बाहर खड़े रहे। अब हम दूसरी जगह शिफ्ट किए हैं। मौके पर लगातार भूस्खलन हो रहा है।
-संजय राठौर, स्वास्थ्य कर्मी
दो साल पहले भी यही मंजर था
दो साल पहले भी यहां भूस्खलन हुआ था। अब फिर डंगे दरक गए हैं। सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है और निचली रिचमाउंट सड़क को भी इससे खतरा है। हमारे आवासों पर पत्थर गिर रहे हैं। इसलिए इसे खाली कर दिया है।
-संजय जिनवाल, स्वास्थ्य कर्मी