शिमला: एनएच पर दरकी पहाड़ी, आधा दर्जन कारें खाई में गिरीं
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राजधानी शिमला में कालका-शिमला-वांगतू एनएच 5 पर शिवमंदिर ढली के पास अचानक पहाड़ी दरक गई। भारी मात्रा में मलबा आने से करीब आधा दर्जन कारें भूस्खलन की चपेट में आने से खाई में गिर गईं। शिव मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है। मंदिर की एक दीवार ढह गई है। सड़क किनारे बने एक मकान को भी नुकसान पहुंचा है।
गनीमत यह रही कि कोई व्यक्ति हादसे का शिकार नहीं हुआ। भूस्खलन की आशंका के चलते पहले ही यातायात रोक दिया था। मलबे के साथ वहीं गाडि़यां खाई में गिरीं जो सड़क पर पार्क थीं। हादसा शनिवार दोपहर करीब पौने दो बजे हुआ। भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण एनएच पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रदेश की सबसे बड़ी फल मंडी भट्ठाकुफर के लिए जाने वाली इस मुख्य सड़क से सेब के ट्र्रक मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। पिछले कुछ दिन से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते राजधानी शिमला में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है।
आधा दर्जन वाहन खाई में जा गिरे
कालका-शिमला-वांगतू एनएच पर शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सड़क किनारे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आ गया। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी से पहाड़ी को खिसकते देखा और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही ढली पुलिस समेत प्रशासनिक विभाग, अग्निशमन विभाग और लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने एनएच पर दोनों ओर से यातायात को रोक दिया। ट्रैफिक रोकने के करीब पांच मिनट बाद देखते ही देखते पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। इस दौरान सड़क पर खड़े करीब आधा दर्जन वाहन भी मलबे के साथ खाई में जा गिरे।
इसके बाद पुलिस टीम और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने मार्ग को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया। लोक निर्माण विभाग एनएच विंग के अधीक्षण अभियंता अजय वर्मा ने बताया कि मार्ग से मलबे को हटाने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि रात को लगभग 11 बजे तक एनएच पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
टूटीकंडी क्रॉसिंग पर भूस्खलन से बालूगंज सड़क को खतरा
टूंटीकंडी क्रॉसिंग पर पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण बालूगंज सड़क को खतरा पैदा हो गया है। सड़क में दरारें आ गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन कभी भी इस मार्ग को बंद कर सकता है।
सड़क बंद होने पर बालूगंज और समरहिल के लिए चक्कर से वाहनों की आवाजाही करवाई जाएगी। इससे जाम की समस्या गहरा सकती है। राजधानी में बीते दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते शहर में जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं।
बीते दिन एनएच पर हुए भूस्खलन से बालूगंज-समरहिल सड़क के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। सड़क से रोजाना हजारों की तादाद में वाहनों की आवाजाही होती है। अप्रैल में टूटीकंडी जंक्शन पर भूस्खलन के चलते सड़क का टर्निंग प्वाइंट ढह गया था।
इस कारण प्रशासन को यातायात डायवर्ट करना पड़ा था। सड़क किनारे बन रही पर्यटन विभाग की बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए की गई अधिक कटाई के चलते सड़क ढही थी।
करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग पार्किंग ठेकेदार से सड़क की मरम्मत नहीं करवा पाया है। सड़क ढहने से तंग हो गई है। वाहनों की एक साथ दोनों तरफ आवाजाही बंद हो गई है।
एक तरफ वाहन रोककर वाहनों की क्रासिंग करवाई जा रही है। अब ठीक इसी के सामने सड़क के ऊपरी तरफ का हिस्सा भी भूस्खलन से ढह गया है।