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सोलन में बाहरी लोगों को बेच दी जमीनें : सकलानी
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धारा 118 का उल्लंघन करने का लगाया आरोप
दावा, संस्था की याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगी है रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सोलन जिले में हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 118 का उल्लंघन कर बेनामी सौदों के जरिये बाहरी लोगों को जमीनें बेची जा रही हैं।
यह आरोप वीरवार को अर्थ हीलर्स संस्था की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की अध्यक्ष प्रिया सकलानी ने लगाए। सकलानी ने आरोप लगाया है कि इन जमीनों पर नियमों के विपरीत बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी हैं। दावा किया है कि कई स्थानों पर 10-10 मंजिला भवन बनाए गए हैं, जबकि हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के अनुसार छह मंजिल से अधिक निर्माण की अनुमति नहीं है। सोलन जिले के खील, जशली, कोरोल, कैंथारी, पडज्ञानी, बड़ोग, कुमारहट्टी और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माण, बेनामी जमीन सौदों, हिल कटिंग और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामलों में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दावा किया कि संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने वन विभाग सहित संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर जांच कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। संस्था के सदस्य और विजिलेंस विभाग से सेवानिवृत्त कमल ने आरोप लगाया कि बेनामी जमीन सौदों और अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने पर संस्था के सदस्यों को हमलों का सामना करना पड़ा है।
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दावा, संस्था की याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगी है रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सोलन जिले में हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 118 का उल्लंघन कर बेनामी सौदों के जरिये बाहरी लोगों को जमीनें बेची जा रही हैं।
यह आरोप वीरवार को अर्थ हीलर्स संस्था की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की अध्यक्ष प्रिया सकलानी ने लगाए। सकलानी ने आरोप लगाया है कि इन जमीनों पर नियमों के विपरीत बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी हैं। दावा किया है कि कई स्थानों पर 10-10 मंजिला भवन बनाए गए हैं, जबकि हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के अनुसार छह मंजिल से अधिक निर्माण की अनुमति नहीं है। सोलन जिले के खील, जशली, कोरोल, कैंथारी, पडज्ञानी, बड़ोग, कुमारहट्टी और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माण, बेनामी जमीन सौदों, हिल कटिंग और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामलों में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दावा किया कि संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने वन विभाग सहित संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर जांच कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। संस्था के सदस्य और विजिलेंस विभाग से सेवानिवृत्त कमल ने आरोप लगाया कि बेनामी जमीन सौदों और अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने पर संस्था के सदस्यों को हमलों का सामना करना पड़ा है।
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