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रेल लाइन के लिए भू अधिग्रहण को नहीं होगा मोल-भाव, सरकार ऐसे तय करेगी रेट

Tue, 04 Dec 2018 05:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 04 Dec 2018 05:00 AM IST
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Land acquisition case for Baddi Chandigarh railway line

हिमाचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी को चंडीगढ़ से जोड़ने वाली रेल लाइन को धरातल पर उतारने के लिए हिमाचल सरकार ने कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है। रेल ट्रैक बिछाने के लिए भू-अधिग्रहण को अब जमीन मालिकों से मोल-भाव नहीं होगा।

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सरकार सर्किल के हिसाब से रेट तय करेगी और उसी अनुसार मुआवजा मिलेगा। भूमि मालिकों को अनिवार्य रूप से जमीन देनी होगी। भूमि मालिकों की ओर से मनमाने रेट मांगने के कारण लंबे समय से अधिग्रहण की प्रक्रिया अटकी हुई है।
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सोमवार को अब वित्त विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर मोल-भाव  न करने का फैसला लेकर सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है। करीब नौ साल पहले केंद्र सरकार ने बद्दी-चंडीगढ़ रेल लाइन को मंजूरी दी थी। इसके बाद से लगातार यह प्रोजेक्ट विवादों में ही रहा।
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पहले वन भूमि को लेकर क्लीयरेंस का पेच फंसा रहा। फिर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच प्रोजेक्ट के खर्च को लेकर पत्राचार होता रहा। तय हुआ कि प्रोजेक्ट की कुल लागत का आधा आधा खर्च रेलवे और आधा राज्य सरकार वहन करेगी।

कुल 323 बीघा जमीन का होना है अधिग्रहण

Land acquisition case for Baddi Chandigarh railway line

अब तक किसानों के साथ जमीन अधिग्रहण को लेकर रेट तय नहीं हो सका है। देरी के कारण प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है। इसके मद्देनजर सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं प्लानिंग अनिल खाची ने उपायुक्त सोलन और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में तय हुआ कि अगर किसान जमीन के रेट को लेकर नहीं मान रहे तो सरकार जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि खुद तय कर अनिवार्य आधार पर भूमि का अधिग्रहण करेगी।

इसके लिए डीसी सोलन को अधिग्रहीत होने वाली कुल निजी भूमि का रेट तय करने के लिए भी निर्देश दे दिए गए हैं।  प्रोजेक्ट के तहत कुल 25 किलोमीटर लंबी रेल लाइन व इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होना है।

इसमें सात किलोमीटर में हिमाचल और अन्य 18 किलोमीटर में हरियाणा के लोगों की जमीन आएगी।  इसके लिए कुल 323 बीघा जमीन की जरूरत पड़ेगी। वर्तमान में 53 बीघा सरकारी जमीन तो उपलब्ध है, लेकिन बाकी बची 270 बीघा जमीन निजी मालिकों की है। 

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