गोवा की तर्ज पर घर-घर बिकेगी हिमाचल के इस जिला की शराब और छां
गोवा की तर्ज पर हिमाचल के इस जिला की शराब और छां अब घर-घर बिकेगी। जी हां, गोवा राज्य की तर्ज पर जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भी अब घर-घर में जौ से बनी शराब और छां (लुगड़ी) बिकेगी।
प्रदेश सरकार इसके लिए परमिट देगी। लाहौल दौरे पर आए कृषि, आईटी और जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने अब जनजातीय महिलाओं को घर में शराब बेचने से कोई रोक नहीं सकता।
उन्होंने इसके लिए सरकार से अनुमति ले ली है। गोवा की तर्ज पर जौ से बनी शराब और छां को परमिट देने का फैसला जयराम सरकार ने दे दिया है। इसके लिए डिपो में भी राशन कार्ड के जरिये आधा आटा और आधा कनक देने का सरकार ने फैसला लिया है।
शराब बनाने के लिए आधा और कनक मिलेगी
इसके लिए डिपो में भी राशन कार्ड के जरिये आधा आटा और आधा कनक देने का सरकार ने फैसला लिया है। मारकंडा ने कहा कि उन्होंने सरकार के सदन पटल पर यह मांग रखी है।
इसमें कहा गया है कि लाहौल-स्पीति के लोगों को जीना और मरना दोनों के लिए लोकल शराब और छां की जरूरत पड़ती है। शादी की मंगनी, मेहमानों की खातिरदारी, शादी समारोह से लेकर गोंपा में पूजा-पाठ, किसी के घर में मौत होने पर और पौथी पढ़ने के शगुन के लिए भी घर में बनी शराब की आवश्यकता
होती है। इसलिए अब इसके लिए लाइसेंस का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि गोवा एक ऐसा राज्य है, जहां फैनी शराब सभी घरों, रेस्तरां और अन्य दुकानों पर बिकती है। इसी के तर्ज पर लाहौल-स्पीति जिले में भी इसकी बिक्री करवाई जाएगी। इससे यहां के लोगों की आमदनी बढ़ाई जा सके।