लघु शिवरात्रि मेला जोगिंद्रनगर: तीसरी सांस्कृतिक संध्या में सुजाता मजूमदार, जोनी और पूनम ने मचाया धमाल
देवता मेला जोगिंद्रनगर की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में पार्श्व गायिका सुजाता मजूमदार, हिमाचली गायिका नीरू चांदनी, जोनी ठाकुर, पूनम सहित अन्य कलाकारों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
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लघु शिवरात्रि देवता मेला जोगिंद्रनगर की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में पार्श्व गायिका सुजाता मजूमदार, हिमाचली गायिका नीरू चांदनी, जोनी ठाकुर, पूनम सहित अन्य कलाकारों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। सुजाता ने मंच संभालते ही मेरे रस्के कमर, रातां लंबियां, चांद वालियां समेत अन्य गीतों से कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने लंदन ठुमकदा, तैनू मैं लव करदा, सावन में लग गई आग, दमादम मस्त कलंदर सहित अन्य हिंदी पंजाबी गीतों से पंडाल में मौजूद दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वहीं गायिका जोनी ठाकुर ने जोगिंद्रनगरा रे नजारे, तू माने या न माने दिलदारा सहित अन्य हिंदी, पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियों से समां बांधा। कुल्लू मनाली से लोक गायिका नीरू चांदनी ने कृष्ण वंदना से आगाज करते हुए लाहुली गीत हम्मा जुले, चिट्टा तेरा चोला बांका डोरा, रूत संगरोड़ी हो चली आई सहित हिंदी गीत पत्ता पत्ता बूटा बूटा गीतों व नाटियों से दर्शकों को खेत नचाया। तीसरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ सूरजमणी ने शहनाई की मंगल ध्वनि से किया। वहीं मनीष चोपड़ा, शोभा, वंदना, रागिनी, कंचन, नीलम, इर्शिता, सुमन सोनी, ज्योति, सोनाली समेत अन्य कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर तहसीलदार डॉ. मुकुल शर्मा, नगर परिषद की अध्यक्ष प्रेरणा ज्योति, उपाध्यक्ष प्यार चंद भी मौजूद रहे।
हिमाचल की संस्कृति आलौकिक : सुजाता
बॉलीवुड की पार्श्व गायिका सुजाता मजूमदार ने कहा कि हिमाचल की आलौकिक संस्कृति से उन्हें विशेष लगाव है। इसलिए यहां पर बार-बार आने का मन करता है। उन्होंने कहा कि मुंबई के बाद वे हिमाचल को अपना दूसरा घर मानती हैं। राज्य स्तरीय लघु शिवरात्रि देवता मेले में पहली बार प्रस्तुति देने पहुंची सुजाता ने कहा कि वे हिमाचल के लोगों के स्नेह और यहां की संस्कृति से बेहद प्रभावित हैं। ऐसे में इस संस्कृति को विश्व पटल पर दर्शाने के लिए प्रयास करेंगी। इसमें हिमाचल के लोगों को भी अधिमान दिया जाएगा। बताया कि हिमाचल में देवी-देवताओं की अपार कृपा से यहां की संस्कृति पर आधारित कई फिल्मों की शूटिंग हो रही है। हिमाचल से संबंध रखने वाली कुछ बॉलीवुड एक्टर्स भी यहां के पारंपरिक वेशभूषा का जिक्र कर चुकी हैं। सुजाता ने गायिकी से दुनिया भर में नाम कमाने के बाद अब स्टेज शो की तरफ भी रुख किया है। सुजाता ने बताया कि स्टेज शो से हुई आमदनी का कुछ हिस्सा वे जरूरतमंदों पर खर्च करतीं हैं। बीते पांच सालों में तीन सौ से अधिक स्टेज शो उनके द्वारा किए गए। इससे जुटाई आमदनी से कई जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिला।
मेरे रश्के कमर से एसी भारद्वाज ने लूटी शाम
वहीं, नलवाड़ मेला बरच्छवाड़ की अंतिम सांस्कृतिक संध्या हिमाचल के गायकों के नाम रही। एसी भारद्वाज की दमदार प्रस्तुति से दर्शक जमकर झूमे। वहीं पंजाबी गायक विशाल ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा श्याम अनुज (हिमाचली मुंडा) ने भी खूब धमाल मचाया। एसी भारद्वाज ने जैसे ही मंच संभाला सारा पंडाल तालियों और सीटियों गूंज उठा। उन्होंने फिल्मी और पहाड़ी गीतों से ऐसा समां बांधा कि मुख्यातिथि, एसडीएम और दर्शक कदमों को थिरकने से रोक नहीं पाए। एसी भारद्वाज ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद देवा श्री गणेशा, तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, मेरे रश्के कमर, कजरा मोहब्बत वाला, पान बनारस वाला, कांची रे कांची रे, जट यमला पगला दिवाना, देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए के अलासा कांटा चुभ्यो कुमरो रा, लागा ढोलो रा ढमाका पहाड़ी गाने गाकर दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया।
इस से पहले योगराज, राकेश गुलेरिया, जितेंद्र शर्मा और साथियों ने कराटे का प्रदर्शन किया। पुष्पा, मन्नत, सिया और पार्टी ने योग प्रस्तुति दी। सुजल, गिरिशा शर्मा, अंकित प्रेमी, वीना देवी, जगजीत सनवाल ने सुरीली आवाज से दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके साथ रबड़ गर्ल के नाम से मशहूर निधि डोगरा ने योग क्रियाओं की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को आश्चर्यचकित किया। इस मौके पर एसडीएम राहुल जैन, डीएसपी सरकाघाट कुलदीप धीमान, तहसीलदार अजय कुमार, नायब तहसीलदार भूमिका जैन, बरच्छवाड़ पंचायत प्रधान निशा कुमारी, उप प्रधान जितेंद्र, प्रधान देवता कमेटी व मेंबर लेखराज शर्मा, पूर्व प्रधान विजय कुमार शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।