रिकॉर्ड! शिमला की इस पंचायत में आज तक नहीं हुआ मतदान
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यकीन मानिए शिमला के पास एक ऐसी पंचायत भी है जहां आज तक पंचायत चुनावों के लिए मतदान नहीं हुआ। यहां हर बार बिना मतदान ही पंचायत बनती है। ठियोग विकासखंड की ददास पंचायत के मतदाताओं ने अब तक पंचायत चुनावों के लिए मतदान ही नही किया है।
दो बार निर्विरोध चुनी जा चुकी ददास पंचायत में यदि इस बार के चुनावों में भी सहमति बनी तो यह पंचायत लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुने जाने का अनूठा रिकार्ड बनाएगी। वर्ष 2005 में चियोग पंचायत से अलग बनी ददास पंचायत में अब तक दो बार हुए चुनावों में प्रधान, उप प्रधान सहित वार्ड सदस्यों का पूरा पैनल निर्विरोध चुना गया था।
हर बार मिलते हैं दस लाख रुपए
इस पंचायत को दोनों बार दस-दस लाख रुपये की राशि सरकार द्वारा पुरस्कार के रूप में दी गई थी। पंचायत की आम सभा द्वारा हर पांच साल बाद प्रधान व उप प्रधान का चुनाव हर वार्ड से बारी-बारी किए जाने का नियम बनाया गया है। इसे अभी तक सब लोग मानते आए हैं। लोगों का कहना है कि निर्विरोध चुनाव से मिलने वाली राशि को पंचायत विकास पर खर्च किया जाता है।
ददास पंचायत के पूर्व प्रधान जोगेंद्र महान्ता ने कहा कि वह पहली बार निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। दूसरी बार महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने पर रेखा शर्मा को पंचायत प्रधान सर्वसम्मति से चुना गया। अब तीसरी बार भी ददास पंचायत प्रधान को निर्विरोध चुने जाने का प्रयास किया जा रहा है।