माइनस डिग्री तापमान के बीच बर्फ के पहाड़ से टक्कर ले रहे युवा
पांच से छह महीने तक बर्फ से लकदक रहने वाले जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कोकसर में माइनस डिग्री तापमान के बीच आइस क्लाइंबिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। कोकसर में तैनात रेस्क्यू टीम को बर्फ के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम देने के लिए एवरेस्ट की तर्ज पर कठिन ट्रेनिंग दी जा रही है। पर्वतारोहण संस्थान मनाली रेस्क्यू दल यह प्रशिक्षण दे रहा है।
इस ट्रेनिंग को शून्य तापमान में पानी से जमी बर्फ के ऊपर किया जा रहा है। कोकसर के साथ सटे वाटरफॉल पर इंस्ट्रक्टर पवन ठाकुर यह ट्रेनिंग दे रहे हैं। पर्वतारोहण संस्थान मनाली से मेथड ऑफ इंस्ट्रक्टर कोर्स पूरा करने वाले घाटी के तेलिंग गांव के युवा प्रशांत आनंद ने कहा कि जमे हुए पानी की परत पर चढ़ाई चढ़ने का अलग ही रोमांच है।
रेस्क्यू दल को प्रशिक्षण देने वाले अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबंधित खेल संस्थान के इंस्ट्रक्टर पवन ठाकुर ने कहा कि सभी सदस्यों को सुरक्षित चढ़कर कर वापस उतरने की ट्रेनिंग दी जा रही है। संयुक्त निदेशक अश्वनी कुमार ने कहा कि भविष्य में पर्वतारोहण संस्थान इस तरह की ट्रेनिंग को और बढ़ावा देगा। फ्रोजन वाटरफॉल आइस पर क्लाइंबिंग से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि कोकसर से चार किलोमीटर दूर ग्रांफू के पास नवंबर अंत से मार्च तक वाटरफॉल पर बर्फ जम जाती है। यहां स्थानीय बेरोजगार युवा ट्रेनिंग देकर सैलानियों को आकर्षित कर रोजगार कमा सकते हैं। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि फ्रोजन वाटरफॉल पर आइस ट्रेनिंग मिलने से लाहौल-स्पीति के युवाओं को रोजगार के नए आयाम खुलेंगे।