इस मामले को लेकर सड़क पर उतरेंगे किसान, करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
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सेब खरीद में कमीशन का खेल खत्म करने को किसान-बागवान सड़क पर उतरेंगे। किसान संघर्ष समिति ने 24 सितंबर से नारकंडा में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का एलान किया है।
समिति ने सरकार से हिमाचल प्रदेश कृषि और बागवानी उत्पाद मार्केटिंग (विकास व नियमन) एक्ट 2005 को लागू करने की मांग की। वीरवार को शिमला में हिमाचल किसान सभा ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर आढ़तियों के साथ मिलीभगत कर किसानों और बागवानों को लूटने का आरोप लगाया।
माकपा विधायक और किसान सभा के पदाधिकारी राकेश सिंघा ने कहा कि करसोग, किन्नौर, आनी, निरमंड, रामपुर, ननखड़ी, बागी, नावर, टिक्कर, कोटगढ़, कुमारसैन, मतियाना, ठियोग और शिलारू के सेब उत्पादक कमीशन एजेंटों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
कई संगठन समिति के बैनर तले प्रदर्शन करेंगे। माकपा नेता संजय चौहान ने बताया कि 17 सितंबर को बैठक में एसडीएम ठियोग, एपीएमसी सचिव, कृषि विभाग के उपनिदेशक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित किसान संगठनों ने कमीशन एजेंटों की लूट पर चर्चा की थी।
हिमाचल प्रदेश कृषि और बागवानी उत्पाद मार्केटिंग (विकास व नियमन) एक्ट 2005 के तहत कार्य करने को कहा था, लेकिन कमीशन एजेंट ने इसे खारिज किया।
40 फीसदी आढ़तियों के पास नहीं लाइसेंस
अवैध तौर पर सेब के बॉक्स पर की गई काट को लौटाने से भी मना कर दिया। एक्ट में किए गए प्रावधानों के तहत किसानों व बागवानों के सब्जी और फलों को वजन के आधार पर बेच जा सकता है।
कहा कि कमीशन एजेंटों को सामान की अनलोडिंग के प्रति बॉक्स 5 रुपये की काट करने की अनुमति दी गई है, जबकि कमीशन एजेंट इसका 6 गुना (30 रुपये) प्रति बॉक्स की काट कर रहे हैं। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि आढ़ती बागवानों को खुलेआम लूट रहे हैं।
40 फीसदी आढ़तियों के पास लाइसेंस नहीं हैं। सिंघा ने कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का भी केंद्र सरकार ने जुमला छोड़ा है। 2014 के चुनावों में जिस तरह कालाधन वापस लाने की बात कही थी। उसी तर्ज पर अब आय दोगुनी करने की झूठी घोषणाएं की जा रही हैं।