Kiratpur-Nerchowk Fourlane: इन चार जिलों के कई बस रूट फोरलेन से शुरू करने की तैयारी
फोरलेन से जुड़ने वाले जिलों के बस रूटों को फोरलेन पर डाइवर्ट करने के लिए कदमताल शुरू हो गई है। आरएम बिलासपुर ने 15 रूट फोरलेन पर ले जाने का प्रस्ताव भी प्रबंध निदेशक को भेज दिया है।
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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन का निर्माण कार्य 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, फोरलेन से जुड़ने वाले जिलों के बस रूटों को फोरलेन पर डाइवर्ट करने के लिए कदमताल शुरू हो गई है। आरएम बिलासपुर ने 15 रूट फोरलेन पर ले जाने का प्रस्ताव भी प्रबंध निदेशक को भेज दिया है। हालांकि अभी इन रूट को फाइनल नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग चंडीगढ़-मनाली रूट पर चलने वाले कई बस रूट को फोरलेन पर डायवर्ट किया जाएगा। फिलहाल, बिलासपुर से नेरचौक तक 30 जून से फोरलेन पूरी तरह से शुरू हो जाएगा।
इसके शुरू होने से नेरचौक से किरतपुर वाया घाघस 113 किलोमीटर दूर रह जाएगा। फोरलेन बनने के बाद किरतपुर से नेरचौक तक की दूरी 36 किलोमीटर कम हो जाएगी। वाहन चालकों को नेरचौक पहुंचने के लिए मात्र 77 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। एक तरफ जहां दूरी कम होगी, वहीं फोरलेन की सुविधा मिलने से समय की भी बचत होगी। इसी के चलते अब परिवहन निगम ने चंडीगढ़-मनाली,बिलासपुर से चंडीगढ़ के लिए एनएच पर चलने वाले 15 बस रूट को फोरलेन से डाइवर्ट करने के लिए प्रक्रिया शुरू की है।
बिलासपुर के साथ हमीरपुर, मंडी और कुल्लू डिपो के भी कई रूट फोरलेन पर डाइवर्ट किए जाएंगे, लेकिन फोरलेन निर्माण कार्य पूरा होने की तिथि आगे बढ़ने के चलते अभी तक तय नहीं हुआ है कि कितने रूट किस जिले के फोरलेन पर डाइवर्ट होंगे। फिलहाल बिलासपुर से 15 रूट फोरलेन पर डाइवर्ट करने का प्रस्ताव प्रबंध निदेशक को भेज दिया गया है। इसमें मरोतन-दिल्ली बस रूट भी शामिल है। परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि अभी तक तय नहीं हुआ है कि किस जिले से कितने रूट फोरलेन पर डायवर्ट होने हैं। कहा कि अभी निगम इस पर कार्य कर रहा है। जल्द ही रूट तय कर लिए जाएंगे।
फोरलेन भूमि अधिग्रहण इकाई के तहसीलदार पर धोखाधड़ी का मामला
उधर, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की बिलासपुर भूमि अधिग्रहण इकाई के तहसीलदार के खिलाफ दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला घुमारवीं थाना में अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ है। तहसीलदार पर आरोप है कि फोरलेन की जद में आए ऐसे निर्माण ढांचे को तोड़ा, जिसकी कीमत ही निर्धारित नहीं की गई थी। घुमारवीं अदालत में दिए शिकायत पत्र में रामेश्वरी शर्मा निवासी गांव बागठेड़ू डाकघर भगेड़ तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की बिलासपुर भूमि अधिग्रहण इकाई के तहसीलदार ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन की जद में आए सिर्फ उनके मकान की कीमत 34,59,375 रुपये निर्धारित की। फोरलेन निर्माण के दौरान उनके वाटर टैंक सहित अन्य ढांचे को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया और उसका मुआवजा भी नहीं दिया गया है। जब मुआवजे की मांग की गई तो दस्तावेज में छेड़छाड़ कर गिराए गए अतिरिक्त ढांचे को भी मकान की निर्धारित कीमत में दिखा दिया गया। उधर, डीएसपी मुख्यालय राजकुमार ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।