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Shimla News: एकीकृत रोग और कीट प्रबंधन के साथ बगीचों में रखें सफाई

Sat, 14 Mar 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 11:59 PM IST
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Keep your garden clean with integrated disease and pest management
उद्यान विभाग ने सेब बागवानों को दी सलाह, कोपलें आते ही बागवानों ने शुरू किया बागवानों में स्प्रे
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विभाग से ऑनलाइन और ऑफलाइन ले सकते हैं जानकारी संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऊपरी क्षेत्रों में सेब के पौधों में कोंपलें आने के साथ ही स्प्रे का कार्य शुरू हो गया है। रोहड़ू, कोटखाई, ठियोग, नारकंडा, रामपुर और चौपाल के बागवान बगीचों में स्प्रे करने के लिए वैज्ञानिकों और विभाग के अधिकारियों से राय ले रहे हैं।

उद्यान विभाग ने रासायनिक नियंत्रण, एकीकृत रोग और कीट प्रबंधन के सिद्धांत के साथ बगीचों की सफाई पर ध्यान देने की सलाह दी है। विभाग ने भी स्प्रे शेड्यूल जारी कर दिया है। स्प्रे शेड्यूल बागवान विभाग की ई उद्यान वेबसाइट से ऑनलाइन और उद्यान विभाग के कार्यालय में जाकर भी प्राप्त कर सकते हैं। इस समय रोग और कीट प्रबंधन महत्वपूर्ण कार्य बन जाता है, ताकि उत्पादकता सुनिश्चित हो सके। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार प्रभावी प्रबंधन कार्य में कई पहलू शामिल होते हैं जिनमें सबसे पहले छिड़काव करने का सही समय और दवा का सही चुनाव है। इसके साथ लक्ष्य कीटों और रोगों के जीवन चक्र को समझना और उपचार के लिए सही समय को निर्धारित करना आवश्यक है। इसमें मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही कुछ कीट और रोग पनपते हैं।
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बागवानों को तापमान, आर्द्रता और वर्षा पैटर्न की निगरानी करते रहना चाहिए ताकि रोगों और कीटों के प्रकोप का अनुमान लगा सकें। इसी के अनुसार छिड़काव कार्य करें। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार छिड़काव के लिए दवा चुनते समय बागवानों को अपने बगीचे में मौजूद कीटों और रोगों पर केंद्रित रहना चाहिए। कम से कम पर्यावरणीय प्रभाव वाले उपयुक्त उत्पादों का चयन करना चाहिए। रासायनिक नियंत्रण, एकीकृत रोग और कीट प्रबंधन के सिद्धांत के साथ बगीचों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए।
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ऐसे करें स्प्रे
कृषि विज्ञान केंद्र शिमला की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. उषा शर्मा ने बागवानों को सलाह दी है कि सैनजोस स्केल, माइट और कीटों के प्रबंधन के लिए बागवानी खनिज तेल का स्प्रे आधा इंच पत्ती से टाइट क्लस्टर स्टेज तक कर लें। इसमें जिन बगीचों में पाउडरी मिल्डू की समस्या है उन्हें टाइट क्लस्टर और फूट सेट स्टेज पर अनुमोदित फफूंदीनाशक स्प्रे करना चाहिए। रोग और कीट के लिए सही दवा का सही समय पर स्प्रे करने से बागवान प्रभावी प्रबंधन के साथ उत्पादन और गुणवत्ता को अनुकूलित कर सकते हैं।


स्प्रे के दौरान मिलावट न करे बागवान : नेगी
बगीचों में स्प्रे करने के दौरान बागवान अनावश्यक मिलावट (मिश्रण) न करें। किसी भी कीटनाशक का छिड़काव करने से पहले वैज्ञानिकों की राय लें। यदि रोगों के लक्षण पता न लग रहा हो तो बागवान पत्तियों के सैंपल चेक करने के लिए भेज सकते हैं। बाजारों से कीटनाशक और कवकनाशक खरीदते समय एक्सपायरी डेड चेक कर लें। अधिक जानकारी के लिए बागवान नजदीकी उद्यान प्रसार केंद्र या उद्यान विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
-सुदर्शना नेगी, उप निदेशक, उद्यान विभाग शिमला
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