केदार जिंदान की हत्या मामले में पत्नी ने मांगी सीबीआई जांच
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बीएसपी नेता केदार सिंह जिंदान की पत्नी हेमलता ने हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से गवाहों को सुरक्षा मुहैया करवाने की भी मांग की है। प्रेस क्लब में पत्रकारों से हेमलता ने कहा कि उन्हें सिरमौर पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है।
इसलिए सरकार मामले की सीबीआई जांच करवाए। सरकार ने जो वादे उनके साथ किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ है। कोई भी नुमाइंदा उनके पास नहीं आया है। उनके पास न तो रहने के लिए घर है न खाने के लिए रोटी।
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि सुरक्षा मांगने के बावजूद उनके पति को सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई। इस दौरान अंबेडकर एसोसिएशन हिमाचल विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने बताया कि मेडिकल जांच में सब कुछ स्पष्ट हो चुका है।
इसके बावजूद राजपूत समाज एट्रोसिटी एक्ट को हटाने की मांग कर रहा है। इससे जाहिर होता है कि इस हत्या में और लोग भी शामिल हैं। सिरमौर में खुंबली प्रथा जोकि खाप पंचायत की तरह काम करती है, उसके खिलाफ आवाज उठाई थी जो सवर्ण समाज को बर्दाश्त नहीं हुई।
इसके अलावा भी उनके पति ने कई सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। वहीं, एसोसिएशन ने मांग उठाई की जिंदान के परिवार को जो भी राहत देने का वादा किया है सरकार उसको जल्द पूरा करे।
एफएसएल निदेशक ने छाना बकरास का चप्पा-चप्पा
बसपा नेता केदार सिंह जिंदान की हत्या मामले की छानबीन में किसी भी तरह की कोई चूक पुलिस नहीं रखना चाहती। हालांकि, एफएसएल की टीम ने वारदात के दूसरे दिन ही मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं।
लेकिन, कोई साक्ष्य छूट न जाए, इसके लिए शनिवार को एफएसएल के निदेशक डॉ. अरुण शर्मा ने टीम सहित बकरास पहुंच कर मौका-ए-वारदात का मुआयना किया। उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं के तहत मामले की पड़ताल की और मौके से कई सैंपल जुटाए।
एएसपी विरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि एफएसएल के निदेशक ने बकरास में वैज्ञानिक दृष्टि से जांच-पड़ताल की है। बकरास गांव में जहां भी जरूरी है वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।