कश्मीर घाटी से पहली बार हिमाचल आईं युवतियों ने कही बड़ी बात
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कश्मीर हो या कोई और जगह, कुछ लोग शांति के दुश्मन होते हैं। लेकिन इसके लिए पूरी अवाम को दोष देना जायज नहीं। हिमाचल के लोग एक बार कश्मीर की वादियों का दीदार करें। तभी पता चलेगा कि कश्मीर में चारों ओर अमन का माहौल है। शिमला अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल में पहली बार कश्मीर घाटी से आए कलाकारों ने ‘अमर उजाला’ से यह बातें साझा कीं।
कश्मीर घाटी की आठ युवतियों का यह समूह घाटी में आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों से आया है। युवतियां श्रीनगर के लाल चौक, बारामूला, अनंतनाग, राजबाग, बटमालू और गुलमर्ग क्षेत्र की रहने वाली हैं। इनके परिचित भी इनके साथ यहां पर आए हैं। समूह की कई सदस्य तो छात्राएं हैं। फेस्टिवल में ये युवतियां कश्मीर के लोकनृत्य पर प्रस्तुति दे रही हैं। समूह की ग्रुप लीडर आयशा ने बताया कि पहली बार शिमला आकर अच्छा लग रहा है।
शिमला की तरह घाटी में चारों ओर शांति है। यहां के लोग शांतिप्रिय हैं। आफरीन ने बताया कि शिमला में गर्मी ज्यादा है। बारामूला की फातिमा ने बताया कि वह पहली बार राज्य से बाहर निकली है। लेकिन यहां उसे अच्छा लग रहा है। वहीं, गुलमर्ग की साहिरा ने कहा कि हिमाचल के लोगों को एक बार कश्मीर घूमने जरूर आना चाहिए। घाटी की वादियों का लुत्फ ही अलग है।
चारों तरफ सिर्फ अमन ही अमन मिलेगा। ग्रुप के दल में आए मोहम्मद इस्लाम से जब कश्मीर में तनाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ‘समुद्र की धारा में क्या नहीं बहता’ कहकर जवाब दिया। इस्लाम ने कहा कि हर जगह पर कुछ लोग होते हैं जो शांति नहीं चाहते हैं, लेकिन पूरी अवाम को इसका दोष देना ठीक नहीं है।