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शिमला: करवाचौथ के बाद ऐतिहासिक रिज मैदान का नजारा, जगह-जगह प्लेटें, छलनियां, करवे और दीयों के ढेर
Fri, 30 Oct 2026 11:27 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:27 AM IST
सार
करवाचौथ के उत्सव के बाद शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान का नजारा बदला हुआ दिखाई दिया। मैदान में जगह-जगह इस्तेमाल की गई प्लेटें, छलनियां, करवे और दीयों के ढेर नजर आए। उत्सव के बाद सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर यह दृश्य सवाल खड़े करता है।
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त्योहार मना गए, गंदगी छोड़ गए।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
करवाचौथ का त्योहार सुहागिनों के लिए आस्था, परंपरा और उत्साह का प्रतीक है। चांद के दीदार के साथ व्रत खोलने की रस्म पूरी हुई और त्योहार की रौनक भी धीरे-धीरे खत्म हो गई, लेकिन इसके बाद शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान की तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई। शहर के इस प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर जगह-जगह प्लेटें, छलनियां, करवे और दीयों के ढेर दिखाई दिए।
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करवाचौथ के दौरान रिज मैदान पर जुटी रौनक के बाद वहां बिखरा सामान उत्सव के दूसरे पहलू को सामने लाता नजर आया। पूजा-पाठ और खानपान में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं मैदान में छोड़े जाने से ऐतिहासिक स्थल का स्वरूप प्रभावित होता दिखाई दिया।
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त्योहार की रौनक के बाद मैदान में बिखरा सामान
रिज मैदान शिमला की पहचान होने के साथ शहरवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र भी है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। करवाचौथ जैसे अवसरों पर भी सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही और उत्सवी गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
रिज मैदान शिमला की पहचान होने के साथ शहरवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र भी है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। करवाचौथ जैसे अवसरों पर भी सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही और उत्सवी गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
लेकिन त्योहार बीतने के बाद मैदान में बिखरी प्लेटें, मिट्टी के करवे, छलनियां और दीये साफ-सफाई को लेकर सवाल खड़े करते हैं। जिस स्थान पर लोग त्योहार की खुशियां मनाने पहुंचते हैं, उसी जगह इस्तेमाल के बाद सामान छोड़ देना सार्वजनिक संपत्ति के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है।
ऐतिहासिक स्थल की सुंदरता बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी
शिमला का रिज मैदान केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। यहां होने वाली गतिविधियों के बाद सफाई व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।
शिमला का रिज मैदान केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। यहां होने वाली गतिविधियों के बाद सफाई व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।
त्योहार और सार्वजनिक आयोजन खुशियां बांटने के अवसर होते हैं, लेकिन इनके बाद इस्तेमाल की गई वस्तुओं को उचित स्थान पर डालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। रिज मैदान जैसे प्रमुख स्थल पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
करवाचौथ के बाद रिज मैदान पर नजर आया यह दृश्य एक बार फिर याद दिलाता है कि त्योहार की खुशियां मनाने के साथ सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
करवाचौथ के बाद रिज मैदान पर नजर आया यह दृश्य एक बार फिर याद दिलाता है कि त्योहार की खुशियां मनाने के साथ सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।