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करुणामूलक नौकरियां न दीं तो फूंकेंगे मुख्यमंत्री, सांसदों व विधायकों के पुतले
Sun, 15 Mar 2020 06:32 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 15 Mar 2020 06:32 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश करुणामूलक संघ की बैठक रविवार को हमीरपुर में हुई। इसकी अध्यक्षता राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सिंह डोगरा ने की। सरकार को चेतावनी दी गई कि अगर अप्रैल तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघ मई में प्रदेश के सभी सांसदों व विधायकों और पूर्व मुख्यमंत्रियों व वर्तमान मुख्यमंत्री का पुतला फूंकेगा। फिर भी अगर मांगें नहीं मानी गईं तो शिमला में सरकार का घेराव किया जाएगा। मांग की गई कि जिन आश्रितों की नौकरी की उम्र निकल गई है उन्हें एक मुश्त 15 लाख रुपये दिए जाएं।
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बैठक में प्रदेश भर से करुणामूलक आश्रित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। प्रदेश के करीब पांच हजार युवाओं को करुणामूलक आधार पर नौकरी देने की मांग की गई। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकारें कर्मचारियों की मौत के बाद उनकी सेवाओं की कद्र नहीं कर रही हैं। यही कारण है कि करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नौकरियों की सूची लंबी हो रही है। प्रदेश में 2003 के बाद करुणामूलक आधार पर सिर्फ भाजपा और कांग्रेस अपने चहेतों को ही नौकरियां दे रही हैं। यही कारण है कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में करुणामूलक आधार के करीब पांच हजार मामले लंबित हैं। उन्होंने प्रयास कर करीब आठ लोगों को नौकरी दिलाई है।
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कहा कि प्रदेश में करीब डेढ़ दर्जन तो ऐसे मामले हैं, जिनमें युवा के माता और पिता दोनों स्वर्ग सिधार गए हैं, लेकिन आश्रित को नौकरी नहीं दी जा रही है। प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ वर्ग में करीब 58169 पद रिक्त हैं। करुणामूलक आश्रितों को यदि दस फीसदी कोटा दिया जाए तो इन पदों पर प्रदेश के ऐसे सभी आश्रितों की नियुक्ति हो जाएगी। रविंद्र डोगरा सहित विभिन्न जिलों के संघ सदस्यों विजय, पमिल कुमार, संजय, रोहित, राजेश, नीरज आनंद, कुलदीप, हेमराज, साहिल आदि ने कहा कि संघ सीएम जयराम सरकार को एक बार फिर मांगों का ज्ञापन सौंपेगा।
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