सरकार बदलते ही एचआरटीसी ने बंद कर दिया बस रूट, तीन जिलों के यात्री परेशान
सरकार बदलते ही एचआरटीसी ने अच्छी कमाई वाले बस रूट को बंद कर दिया है। इससे तीन जिलों के यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंडी जिले के करसोग से श्री चामुंडा देवी मंदिर के लिए चलने वाली लंबे रूट की बस को अच्छी कमाई के बावजूद एचआरटीसी प्रबंधन ने बिना सूचना बंद कर दिया है।
इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। साढ़े छह सौ किलोमीटर के इस लंबे रूट से पिछले डेढ़ सालों से निगम को काफी कमाई हो रही थी, लेकिन निगम ने बस रूट को ही बंद कर दिया है।
इस बस के बंद होने की सबसे बड़ी वजह करसोग डिपो में बीते एक साल से क्षेत्रीय प्रबंधक की कुर्सी खाली होना भी माना जा रहा है। निगम का पक्ष रखने वाला कोई अधिकारी करसोग डिपो में नहीं है।
यह बस मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के कर्मचारियों के लिए काफी सुविधाजनक है। करसोग बस डिपो से सुबह सवा पांच बजे बस चामुंडा के लिए रवाना होती है।
करसोग और मंडी जिले के अलावा जाहू, भोरंज से हमीरपुर के लिए सुबह के समय काफी संख्या में सरकारी कर्मचारी बस में सवार होते हैं। चामुंडा से यह बस सुबह करीब सात बजे रवाना होती है। यह बस सुबह पौने दस बसे चामुंडा से हमीरपुर बस स्टैंड पहुंचती है।
इन क्षेत्रों में परेशान है यात्री
इसके चलते चामुंडा, नगरोटा, कांगड़ा, रानीताल, ज्वालामुखी, नादौन से हमीरपुर आने वाले सरकारी कर्मचारी इस बस में रोजाना सफर करते हैं, लेकिन सरकार के सत्ता में आते ही इस बस सेवा को बंद कर दिया गया है।
एचआरटीसी प्रबंधन का कहना है कि निजी बस ऑपरेटरों की आपत्ति के चलते इस बस सेवा को बंद कर दिया गया है। लोगों में सुरेंद्र पठानिया, विनोद शर्मा, आशुतोष शर्मा, मोनिका शर्मा, बंदना ठाकुर और प्रोमिला देवी ने एचआरटीसी प्रबंधन से इस बस को बहाल करने की मांग की है।
उधर, एचआरटीसी करसोग के वरिष्ठ अधीक्षक ज्ञान सिंह ने बताया कि हाल ही में इस रूट को बंद किया गया है। आरएम करसोग का पद एक साल से खाली है। बस रूट को बंद करने के कारणों बारे शिमला डीएम कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है।