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शहीद कालिया के पिता का फिर छलका दर्द, मोदी सरकार से भी नहीं मिला न्याय

Fri, 20 Apr 2018 09:43 AM IST
विनोद राणा, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
विनोद राणा, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा) Updated Fri, 20 Apr 2018 09:43 AM IST
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kargil war martyr Saurabh Kalia's father's statement

कारगिल युद्ध में अपने बेटे शहीद सौरभ कालिया के साथ किए गए अमानवीय कृत्य के खिलाफ न्याय मांग रहे पिता एनके कालिया का दर्द फिर छलका है। मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें आस जगी थी कि सरकार मामले को उठाएगी और उन्हें न्याय प्रदान करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। 

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हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिता कालिया का कहना है कि डेढ़ साल से इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। मामला दो देशों के बीच का है, इसलिए इस संबंध में केंद्र सरकार को ही प्रयास करना चाहिए। 
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डॉ. एनके कालिया ने कहा कि सरकार की मंशा ही नहीं है कि मामले में न्याय दिलाया जाए। कांग्रेस सरकार ने भी कुछ नहीं किया और भाजपा सरकार में भी कुछ न होने से सरकारों से विश्वास उठता जा रहा है। 

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कारगिल में घुसपैठ की सबसे पहले खबर देने वाले सौरभ कालिया

kargil war martyr Saurabh Kalia's father's statement

कारगिल में घुसपैठ की सबसे पहले खबर देने वाले सौरभ कालिया और पांच अन्य साथियों के साथ पाकिस्तानी सैनिकों ने बर्बर और अमानवीय यातनाएं दीं। उनके शव क्षत विक्षत कर दिए गए थे।

इसके लिए पिता एनके कालिया देश की सरकारों से लेकर जेनेवा कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। लेकिन, अभी तक उन्हें अपने बेटे से हुए अन्याय को लेकर न्याय नहीं मिल सका है। कहा कि यह मामला अमेरिका जैसे देशों में होता तो आज तक कब की कार्रवाई हो चुकी होती।

डॉ. कालिया को इस बात का मलाल है कि न तो केंद्र की कांग्रेस और न ही भाजपा सरकार से उन्हें अपने बेटे को लेकर न्याय मिला है। उन्हें मोदी सरकार से आस थी कि कारगिल युद्ध में उनके बेटे की पाकिस्तान सैनिकों की ओर से दी गई अमानवीय यातनाओं से हुई मौत का न्याय मिलेगा। लेकिन, अब तक कुछ नहीं हुआ है।

क्या है यह मामला 

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1999 में कारगिल में पाकिस्तानियों की घुसपैठ का पता कैप्टन सौरभ कालिया और उनकी टीम ने लगाया था। इसके बाद पालमपुर के कैप्टन सौरभ कालिया का शव अपने अन्य पांच साथियों के साथ क्षत विक्षत हालत में मिला था।

उनके शरीर के अंगों को पाकिस्तान सेना ने क्षत-विक्षत कर दिया था जो एक सैनिक से नहीं होना चाहिए था। घर में शव पहुंचते ही परिजन शव देखकर दुखी हुए।

इसी के चलते पिता डॉ. एनके कालिया ने मामला भारत सरकार से उठाया था कि एक सैनिक से हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर पाकिस्तान का चेहरा दुनिया में नंगा किया जाए और उनका इंसाफ मिले।

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