80 साल से किराये के कमरे में चल रहा ये प्राइमरी स्कूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी शिमला के कनलोग में स्थित प्राइमरी स्कूल 80 साल से किराये के दो कमरों में चल रहा है। इन्हीं कमरों में प्रार्थना सभा, पढ़ाई और मिड डे मील बनता है और बच्चे यहीं भोजन भी करते हैं। खेल मैदान नहीं होने के कारण बच्चे इन्हीं कमरों में खेलते कूदते हैं। कमरे के दरवाजे के साथ ही सड़क है, जहां दिन भर ट्रैफिक रहता है। जरा सी चूक बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।
शिक्षकों को एक- एक बच्चे पर पैनी नजर रखनी पड़ती है। दशकों से स्कूल किराये के भवन में चल रहा है। स्थानीय लोग बार-बार मांग कर चुके हैं कि स्कूल का भवन बदला जाए लेकिन आज तक कुछ नहीं हो सका है। मैदान न होने के कारण बच्चे खेल प्रतिभा दिखाने से भी वंचित हैं।
किराए के दो कमरों में पांच कक्षाएं
करीब 80 साल बीतने के बाद भी हालात पहले जैसे ही हैं। दो किराये के कमरों में ही तीस छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन्हें पढ़ाने को दो शिक्षक, मैस वर्कर, हेल्पर सहित एक जलवाहक है। एक कक्षा बरामदे में चलती है। इसके अलावा बरामदे में ही स्टोर, लाइब्रेरी और मिड-डे मील का समान रखा जाता है।
विभाग के ध्यान में लाई जाती रही है समस्या
शिक्षा विभाग को स्कूल की समस्या के बारे में कई बार सूचित कर चुके है। लेकिन समस्या का कोई हल नहीं हो पाया है। कमरों, खेल मैदान की कमी होने से हर समय बच्चों के गिरने या गाड़ी की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। -भाग चंद शर्मा, मुख्य अध्यापक, राजकीय प्राथमिक स्कूल कलनोग
कनलोग एरिया के आसपास स्कूल बनाने के लिए सरकारी जमीन नही मिल पा रही हैं। विभाग कोशिश कर रहा है कि स्कूल के लिए जमीन मुहैया करवाई जाए। -रणधीर मेहता, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी