नूरपुर हादसा: सीएम ने बुलाई अफसरों की बैठक, चार दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
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नूरपुर में दर्दनाक स्कूल बस हादसे से सबक लेकर स्कूल बसों-टैक्सियों की जांच के लिए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी चार दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सभी स्कूलों के लिए नए सिरे से दिशा-निर्देश भी तैयार किए जा रहे हैं, जो आगामी कैबिनेट बैठक में लाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के तमाम स्कूलों के प्रबंधनों पर सख्ती कर दी है। बुधवार देर रात शिमला लौटने के बाद वीरवार तड़के ही सीएम ने अपने आवास पर उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में सीएम ने स्कूलों में बसों-टैक्सियों और अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश में स्कूल आने-जाने की सुरक्षित व्यवस्था के लिए सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार होंगे, जिसे प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि बसों की निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों व सवारियों को बैठाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बसों में प्राथमिक चिकित्सा उपचार बॉक्स, आग बुझाने के यंत्र इत्यादि जैसे सभी आवश्यक उपकरण होने अनिवार्य हैं। मुख्य सचिव एवं कमेटी के अध्यक्ष विनीत चौधरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि कमेटी अपने सुझाव तय समय सीमा के भीतर सौंपेगी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा, राम सुभग सिंह, अतिरिक्त पुलिस
महानिदेशक कानून व व्यवस्था अनुराग, राज्य पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भटनागर, निदेशक परिवहन बीसी बडालिया, विधि सचिव यशवंत सिंह चोगल, उपायुक्त अमित कश्यप, पुलिस अधीक्षक ओमापति जमवाल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा भी बैठक में मौजूद रहे।
इन मापदंडों को पूरा करना पड़ेगा
स्कूली बच्चों के लिए प्रयोग किए जाने वाले प्रत्येक वाहन चालक को पांच वर्ष का अनुभव जरूरी
चालक ने पहले वाहन नियमों का उल्लंघन न किया हो
चालक ने पहले कोई एक्सीडेंट न किया हो
निजी स्कूलों की ओर से बसों, टैक्सियों और आवागमन के अन्य साधनों को नियमानुसार इस्तेमाल करना होगा
वाहनों के लिए उपयुक्त परमिट होने चाहिए
लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारी जागरूकता अभियान चलाएंगे
यह व्यवस्था करनी होगी
सीबीएसई, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तमाम निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश सख्ती से लागू करने होंगे
स्कूल प्रबंधन को सभी नई बसें रखनी होंगी
बसें निर्धारित मानदंडों के अनुरूप होनी चाहिए
निजी स्कूलों में संचालित सभी बसों में पीला रंग होना चाहिए
स्कूल में लगाई गई एचआरटीसी की बसों में आगे-पीछे बड़े अक्षरों में स्कूल बस लिखना होगा
एसडीएम, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी करेंगे जांच
वाहनों के निरीक्षण के लिए प्रदेश भर में आगामी 10 दिन में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इन स्कूल बसों और अन्य शिक्षण संस्थानों की बसों एवं अन्य वाहनों का निरीक्षण क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, उपमंडलाधिकारी नागरिक और पुलिस अधिकारी की ओर से किया जाएगा, जिसे हर तीन माह के अंतराल पर दोहराया जाएगा। इस तरह के वाहनों की पासिंग के नियमों को और अधिक सख्त बनाने पर भी विचार किया जाएगा।