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कांगड़ा सहकारी बैंक की 50 शाखाएं बंद करने की तैयारी
Sun, 07 Jul 2019 02:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 07 Jul 2019 02:59 PM IST
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फाइल फोटो
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हिमाचल में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक की 50 से ज्यादा शाखाएं बंद हो सकती हैं। घाटे में चल रही इन बैंक शाखाओं को प्रबंधन बंद करने या मर्ज करने की तैयारी में है। इसका पूरा खाका बन चुका है। बैंक के चेयरमैन डा. राजीव भारद्वाज ने कहा कि सिस्टम को ठीक किया जा रहा है। राजनीतिक आधार पर खोली गई कई शाखाओं से बैंक को आर्थिक नुकसान हो रहा है। बोझ बन चुकी शाखाओं की सूची प्रबंधन से ली गई है।
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भारद्वाज ने कहा कि 31 जनवरी, 2018 को बैंक में जमा राशि 9971.44 करोड़ रुपये थी। हमारे कार्यकाल में 31 जनवरी, 2019 तक यह राशि 10751 करोड़ पहुंच गई। बैंक की कुल जमाराशि में 779.56 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। एक साल में 100 करोड़ के ज्यादा लोन बांटे गए हैं। महज चार महीने में शुद्ध लाभ 4 करोड़ से बढ़कर 39 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
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3 महीने में 100 करोड़ घटा एनपीए
बैंक के चेयरमैन ने कहा कि महज 3 महीने में बैंक का एनपीए करीब 100 करोड़ कम किया है। एनपीए को पहली बार ऑटो कर कड़ा निर्णय लिया, जिससे बैंक की पूरी बीमारी पता लग गई। एनपीए की जोन स्तर से लेकर मुख्यालय में मॉनीटरिंग की जा रही है। 31 जनवरी 2019 को एनपीए 933.21 करोड़ था जो 31 मार्च को घटकर 834.23 करोड़ पहुंच गया है।
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