आईएस सरगना बगदादी के मारे जाने पर कांगड़ा-मंडी में फोड़े पटाखे, बांटी मिठाई
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इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सरगना अबु बकर अल बगदादी के मारे जाने पर कांगड़ा और मंडी जिले में पटाखे फोड़े गए और मिठाइयां बांटीं। कांगड़ा जिले के अमन, संदीप, इंद्रजीत और मंडी जिले के सुंदरनगर के हेमराज समेत 40 भारतीय की बंधक बनाने के बाद आईएस आतंकियों ने 2014 में इराक के मोसुल में हत्या कर दी थी। हिमाचल के चारों युवकों के परिवार वालों ने बगदादी के अमेरिकी सैनिकों के हाथों मारे जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया।
अमन के परिजनों का कहना था कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके लाडलों की हत्या का बदला लिया है। आईएस सरगना बगदादी को मार गिराने पर उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप सहित अमेरिकी सेना के उन जवानों को बधाई दी है, जिन्होंने आतंक के अंतरराष्ट्रीय सरगना को मारने में अहम भूमिका निभाई है। अमन के बड़े भाई रमन ने कहा कि बगदादी उनके छोटे भाई की मौत के लिए जिम्मेदार था। अमन की माता बीना देवी और पिता रमेश कुमार ने कहा कि बगदादी के मारे जाने से उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।
लंज की भटहेड़ पंचायत के कदरेटी गांव के इंद्रजीत के भाई सुभाष कुमार ने भी बगदादी के मारे जाने पर खुशी व्यक्त की। कांगड़ा के धमेटा के संदीप राणा की पत्नी चंद्रेश कुमारी ने कहा कि आतंकी सरगना की मौत से उनके पति की आत्मा को शांति मिलेगी।
वहीं सुंदरनगर के बायला गांव के मृतक हेमराज के परिवार वालों ने भी बगदादी के मारे जाने पर खुशी व्यक्त की। हेमराज की मौत के बाद से पत्नी निर्मला, पिता बेली राम और माता रोशनी देवी सहित अन्य रिश्तेदारों में आतंकी संगठन के प्रति भारी गुस्सा था।
बगदादी के खात्मे पर इसलिए मनाई खुशी
वर्ष 2014 में इराक में आतंकी संगठन आईएस जिसका सरगना अबु बकर अल बगदादी था, ने 40 भारतीय को बंदी बना लिया था। इसके बाद उन्हें मौत के घाट उतारकर शव वहीं मिट्टी में दफना दिए थे। मशक्कत के बाद भारत की पूर्व विदेशी मंत्री स्व. सुषमा स्वराज के प्रयासों के बाद मारे गए भारतीय के अवशेष वतन लाए जा सके थे।