{"_id":"65fc37fbdee9a7517f008488","slug":"kalka-shimla-fourlane-high-court-reprimands-nhai-for-debris-everywhere-2024-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"कालका-शिमला फोरलेन: जगह-जगह मलबा होने पर एनएचएआई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कालका-शिमला फोरलेन: जगह-जगह मलबा होने पर एनएचएआई को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
Thu, 21 Mar 2024 07:08 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 21 Mar 2024 07:08 PM IST
सार
प्रदेश हाईकोर्ट ने कालका-शिमला फोरलेन निर्माण कार्य के मामले में संज्ञान लेते हुए एनएचएआई को कड़ी फटकार लगाई है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कालका-शिमला फोरलेन निर्माण कार्य के मामले में संज्ञान लेते हुए एनएचएआई को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि कालका-शिमला फोरलेन के ऊपर हर जगह मलबा पड़ा है। सड़क की कटिंग अवैध तरीके से हो रही है और जगह-जगह लंबे-लंबे पोल लगाए जा रहे हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने कहा कि एनएचएआई इस पर फ्रैश स्टेटस रिपोर्ट अदालत में तलब करे। अदालत ने कहा कि फोरलेन और डबललेन सड़क का मतलब है कि सफर आरामदायक और खुशनुमा हो और पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।
विज्ञापन
लंबे-लंबे पोल पर पुल बनाने का मतलब है कि वहां पर सुंदर रेस्टोरेंट, दुकानें, इंडोर गेम्स और होटल बनाए जाएं। नए-नए इनोवेशन किए जाएं, जिससे बाहर से आने वाले सैलानी हिमाचल की यात्रा का लुत्फ उठा सकें। सैलानियों को जाम से भी निजात मिले व होटल उद्योग को बढ़ावा मिले। फोरलेन कार्य में देरी होने पर अदालत ने मामले में खुद संज्ञान लिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार और एनएचएआई को फोरलेन निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई की ओर से अधिवक्ता केडी श्रीधर पेश हुए। उन्होंने कहा कि वे मामले को केंद्र सरकार और हिमाचल सरकार के समक्ष रखेंगे। मामले की अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
विज्ञापन