हिमाचल से विदा हुए सीजे सूर्यकांत, धर्म चंद चौधरी ने संभाला कार्यभार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने पर प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सम्मान में गुरुवार को फुल कोर्ट रेफरेंस करवाया गया। आठ महीनों तक न्यायाधीश सूर्यकांत ने हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला। पांच अक्तूबर 2018 को न्यायाधीश सूर्यकांत की हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति हुई थी। न्यायाधीश सूर्यकांत के सुप्रीम कोर्ट जाने से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी न गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश कार्यालय का कार्यभार संभाला।
न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी को केंद्रीय कानून मंत्रालय ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। न्यायाधीश सूर्यकांत की विदाई में आयोजित फुल कोर्ट रेफरेंस के दौरान प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता अशोक शर्मा, प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान राजीव जीवन, हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा, और असिस्टेंट सोलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया राजेश कुमार ने अपने-अपने संबोधन में न्यायाधीश सूर्यकांत के कार्य की सराहना की।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश कुरियन जोसफ, हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके गोयल, सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुलदीप सिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश वीके शर्मा, हाईकोर्ट में तैनात रजिस्ट्रार, स्टाफ सहित प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे। उधर, हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी का जन्म एक कृषक परिवार में 12 मार्च 1958 को गांव लोहारा तहसील सदर जिला मंडी में हुआ था। सरकारी प्राइमरी स्कूल लोहारा से प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने हटगढ़ से मैट्रिक उत्तीर्ण की।
राजकीय डिग्री कॉलेज कुल्लू से स्नातक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से वर्ष 1983 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। 10 मईए 1983 में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में बतौर अधिवक्ता काम शुरू किया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष और सचिव का पद भी संभाला। वर्ष 1994 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त हुए। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर अक्तूबर 2010 से 20 जनवरी 2012 तक कार्यरत रहे। 21 जनवरी 2012 को इन्होंने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला।