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Shimla News: गुम्मा में लाखों के कबाड़ चोरी पर सदन में हंगामा
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कंपनी ने माना, स्टोर से गायब हुआ था 30 क्विंटल तांबे और कांसे का कबाड़, नगर निगम से भी छिपाई बात
पार्षदों के हंगामे के बाद मेयर ने बनाई जांच कमेटी, अगले सदन में रिपोर्ट समेत बुलाए जिम्मेदार अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की गुम्मा पेयजल परियोजना के स्टोर से लाखों की चोरी पर नगर निगम सदन में शनिवार को खूब हंगामा बरपा। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में भाजपा पार्षद कमलेश मेहता ने सवाल पूछा कि आखिर इतनी बड़ी चोरी निगम से क्यों छिपाई गई।
कंपनी में निगम की हिस्सेदारी 51 फीसदी है तो यह मामला क्यों दबाया गया। पार्षद के सवाल का जवाब देने के लिए कंपनी ने संबंधित अधिकारियों को सदन में नहीं भेजा था। इनकी जगह आए दूसरे अधिकारियों ने माना कि गुम्मा में 30 क्विंटल तांबे और कांसे का कबाड़ चोरी हो गया है। स्टोर की दीवार तोड़कर यह कबाड़ चोरी हुआ। इसकी सूचना निगम को नहीं दी। पुलिस में केस दर्ज करवाया गया है। इस पर कांग्रेस और भाजपा के पार्षद भड़क गए। पूछा कि जो अधिकारी गुम्मा में उस समय तैनात थे वह सदन में क्यों नहीं आए। पार्षद कमलेश मेहता, नरेंद्र ठाकुर और सरोज ठाकुर ने पूछा कि जब स्टोर की दीवार तोड़ी जा रही थी तो चौकीदार कहां था।
चोर ट्रकों में भरकर लाखों का कबाड़ ले गए लेकिन निगम को इसकी सूचना तक नहीं दी। इस पर मेयर ने भी कंपनी को फटकार लगाई। पूछा कि कंपनी ने क्या जांच की। कंपनी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है, जो अभी रिपोर्ट देगी। महापौर ने पार्षद कमलेश मेहता, गोपाल शर्मा और वीरेंद्र ठाकुर को भी इस कमेटी में शामिल कर दिया। निर्देश दिए कि अगले सदन में यह कमेटी पूरी रिपोर्ट देगी। सदन में संबंधित अधिकारियों को भी आने के निर्देश दिए। पार्षदों ने कंपनी अधिकारियों के विदेश दौरे और शहर में पेयजल आपूर्ति नियमित न होने पर भी सवाल उठाए।
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अवैध निर्माण हटाने में देरी पर उठे सवाल
पार्षद आशा शर्मा ने अवैध निर्माण पर होने वाली कार्रवाई पर सवाल उठाए। कहा कि निगम इनमें तेजी लाए। अवैध निर्माण गिराने में देरी होने से मस्जिद जैसे विवाद हो रहे हैं। पटयोग में एंबुलेंस रोड पर किया अवैध निर्माण गिराने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। पार्षद निशा ठाकुर ने वार्ड में दफेदार का पद भरने की मांग की। आयुक्त ने कहा कि जल्द तैनाती करेंगे। पार्षद वीरेंद्र ठाकुर और विनोद कुमार भाटिया ने सफाई कर्मचारी के खाली पद नियमित आधार पर भरने का मामला उठाया। पार्षद सरोज ठाकुर ने आजीविका भवन की दुकानों के किराये में सालाना दस फीसदी बढ़ोतरी का विरोध किया।
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पार्षदों के हंगामे के बाद मेयर ने बनाई जांच कमेटी, अगले सदन में रिपोर्ट समेत बुलाए जिम्मेदार अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की गुम्मा पेयजल परियोजना के स्टोर से लाखों की चोरी पर नगर निगम सदन में शनिवार को खूब हंगामा बरपा। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में भाजपा पार्षद कमलेश मेहता ने सवाल पूछा कि आखिर इतनी बड़ी चोरी निगम से क्यों छिपाई गई।
कंपनी में निगम की हिस्सेदारी 51 फीसदी है तो यह मामला क्यों दबाया गया। पार्षद के सवाल का जवाब देने के लिए कंपनी ने संबंधित अधिकारियों को सदन में नहीं भेजा था। इनकी जगह आए दूसरे अधिकारियों ने माना कि गुम्मा में 30 क्विंटल तांबे और कांसे का कबाड़ चोरी हो गया है। स्टोर की दीवार तोड़कर यह कबाड़ चोरी हुआ। इसकी सूचना निगम को नहीं दी। पुलिस में केस दर्ज करवाया गया है। इस पर कांग्रेस और भाजपा के पार्षद भड़क गए। पूछा कि जो अधिकारी गुम्मा में उस समय तैनात थे वह सदन में क्यों नहीं आए। पार्षद कमलेश मेहता, नरेंद्र ठाकुर और सरोज ठाकुर ने पूछा कि जब स्टोर की दीवार तोड़ी जा रही थी तो चौकीदार कहां था।
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चोर ट्रकों में भरकर लाखों का कबाड़ ले गए लेकिन निगम को इसकी सूचना तक नहीं दी। इस पर मेयर ने भी कंपनी को फटकार लगाई। पूछा कि कंपनी ने क्या जांच की। कंपनी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है, जो अभी रिपोर्ट देगी। महापौर ने पार्षद कमलेश मेहता, गोपाल शर्मा और वीरेंद्र ठाकुर को भी इस कमेटी में शामिल कर दिया। निर्देश दिए कि अगले सदन में यह कमेटी पूरी रिपोर्ट देगी। सदन में संबंधित अधिकारियों को भी आने के निर्देश दिए। पार्षदों ने कंपनी अधिकारियों के विदेश दौरे और शहर में पेयजल आपूर्ति नियमित न होने पर भी सवाल उठाए।
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अवैध निर्माण हटाने में देरी पर उठे सवाल
पार्षद आशा शर्मा ने अवैध निर्माण पर होने वाली कार्रवाई पर सवाल उठाए। कहा कि निगम इनमें तेजी लाए। अवैध निर्माण गिराने में देरी होने से मस्जिद जैसे विवाद हो रहे हैं। पटयोग में एंबुलेंस रोड पर किया अवैध निर्माण गिराने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। पार्षद निशा ठाकुर ने वार्ड में दफेदार का पद भरने की मांग की। आयुक्त ने कहा कि जल्द तैनाती करेंगे। पार्षद वीरेंद्र ठाकुर और विनोद कुमार भाटिया ने सफाई कर्मचारी के खाली पद नियमित आधार पर भरने का मामला उठाया। पार्षद सरोज ठाकुर ने आजीविका भवन की दुकानों के किराये में सालाना दस फीसदी बढ़ोतरी का विरोध किया।