इस शर्त के कारण खतरे में पड़ गई है हिमाचल के सैकड़ों शिक्षकों की नौकरी
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डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन की शर्त से सैकड़ों शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। इस कोर्स को नहीं करने वाले शिक्षकों पर आगामी मार्च में गाज गिरना तय माना जा रहा है।
हिमाचल के सैकड़ों अस्थायी शिक्षकों पर जमा दो में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने की शर्त भारी पड़ गई है। डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन के लिए जमा दो में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य है, लेकिन सरकारी और निजी स्कूलों के कई शिक्षक इस शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
डीएलएड न करने वाले शिक्षकों की मार्च 2019 में नौकरी चली जाएगी। डीएलएड के लिए पंजीकरण करवाने की 30 नवंबर आखिरी तारीख है। वीरवार तक पंजीकरण न करवाने वालों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।
डीएलएड के लिए केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम योग्यता को सूबे के कई सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जमा दो में 50 फीसदी अंक न होने पर सैकड़ों शिक्षकों ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है।
स्कूलों में नहीं पढ़ा पाएंगे शिक्षक
30 नवंबर तक पंजीकरण नहीं करवाने वाले शिक्षक मार्च 2019 से स्कूलों में पढ़ा नहीं पाएंगे। प्राइमरी कक्षाएं पढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन (डीएलएड) करना अनिवार्य किया है।
31 मार्च, 2019 के बाद सरकारी और निजी स्कूलों में डीएलएड किए बिना कोई भी शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं को नहीं पढ़ा सकेगा। केंद्र सरकार ने डीएलएड के प्रति शिक्षकों को जागरूक करने के लिए बीते कई माह से मुहिम चलाई है।
इसके परिणामस्वरूप प्रदेश से 10072 अप्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। डीएलएड के लिए स्कूल प्रिंसिपलों की वेरिफिकेशन जरूरी है।
उधर, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा का कहना है कि डीएलएड के लिए 50 फीसदी के अंकों की शर्त पूरा न करने वाले शिक्षकों की प्रोविजन एडमिशन की जाएगी।
शिक्षकों को मार्च 2019 से पहले अंक बढ़ाने का मौका दिया जाएगा। जो शिक्षक 2019 तक भी निर्धारित अंक प्राप्त नहीं कर पाएंगे, उनकी नौकरी पर संकट आएगा।