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Shimla: फर्जी दस्तावेज से पाई नौकरी नहीं होगी रद्द, शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के निर्णय पर लगाई अंतरिम रोक

Tue, 10 Jan 2023 05:00 AM IST
Krishan Singh पुषेंद्र वर्मा, शिमला
पुषेंद्र वर्मा, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 10 Jan 2023 05:00 AM IST
सार

नियुक्ति से जुड़े हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई छह हफ्ते के बाद निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता मनीश धीमान की याचिका पर शीर्ष अदालत ने यह आदेश पारित किए।

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job obtained from fake documents will not be canceled, the Supreme Court has put an interim stay on the decisi
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

शीर्ष अदालत ने नियुक्ति से जुड़े हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई छह हफ्ते के बाद निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता मनीश धीमान की याचिका पर शीर्ष अदालत ने यह आदेश पारित किए।  हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मनीश धीमान की फर्जी दस्तावेज के आधार पर अर्जित की गई टीजीटी की नौकरी को रद्द करने के आदेश जारी किए थे। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने कहा था कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर पाई गई नौकरी वैध नहीं है। खंडपीठ ने पंचायती राज विभाग के निदेशक को आदेश दिए थे कि वह फर्जी आईआरडीपी प्रमाण पत्र को तुरंत प्रभाव से रद्द करे।

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हाईकोर्ट के समक्ष कांगड़ा जिले के डाडासीबा निवासी गुरदास राम की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि जिस समय प्रकाश चंद ग्राम पंचायत नंगल चौक का प्रधान था, उस समय उसने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे के नाम फर्जी आईआरडीपी प्रमाण पत्र जारी किया था। इस प्रमाण पत्र के आधार पर मनीश धीमान का चयन वर्ष 2017 में टीजीटी के पद पर हुआ था। मामले का निपटारा करते हुए खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि पंचायत के लिए निर्वाचित व्यक्ति को निर्भीक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। प्रतिवादी को जारी किया गया प्रमाण पत्र निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत है। इसके आधार पर हासिल की गई उसकी नियुक्ति कानून की नजर में कोई नियुक्ति नहीं है।   

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