पहाड़ी क्षेत्रों से हटेंगीं लंबी बसें, मैदानों में भेजी जाएगी
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जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) में ली गईं लंबी बसें हिमाचल के पहाड़ी इलाकों के लिए कामयाब नहीं हैं। प्रदेश में सड़कों की चौड़ाई कम होने और तीखे मोड़ के चलते चालक इन बसों को चलाने में परहेज कर रहे हैं। इन बसों की लंबाई अधिक है। मोड़ पर चालकों को कई इन बसों को आगे पीछे करना पड़ता है।
एचआरटीसी की प्रबंध निदेशक (बीओडी) में इस मामले पर विस्तृत चर्चा हुई। अब सरकार इन बसों को प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों से हटाकर शहरों में चलाने का फैसला लिया है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल में 800 के करीब नई बसें खरीदी गई। इसमें 32 सीटर से लेकर 42 सीटर बसें शामिल है।
कई बसें 42 से भी ज्यादा सीटर थीं। राजधानी शिमला में आईएसबीटी से ओल्ड बस अड्डे तक भी दो बसें चलाई गई, जो लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी। इन बसों के चलते से साढ़े नौ बजे से लेकर 11 बजे तक लोग जाम में फंसे रहे।
लोगों की शिकायत के बाद इन बसों को शहर से हटाकर लॉग रूटों पर भेजा गया। परिवहन मंत्री गोबिंद ठाकुर ने कहा कि बीओडी की बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई है। इन बसों को भीड़ भाड़ इलाकों से हटाकर दूसरे रूटों पर चलाया जाएगा। एचआरटीसी के चालक भी इन बसों को नहीं चलाना चाहते हैं