फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   JBT recruitment case: After the Supreme Court's decision, hearing will now be held in the High Court on Septem

जेबीटी भर्ती मामला: सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब 11 सितंबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

Fri, 01 Sep 2023 07:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 01 Sep 2023 07:13 PM IST
सार

11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की उस अधिसूचना को अवैध करार दिया था, जिसमें बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया था। 

विज्ञापन
JBT recruitment case: After the Supreme Court's decision, hearing will now be held in the High Court on Septem
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेबीटी भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद हाईकोर्ट में लंबित पुनर्विचार याचिका की सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है। शुक्रवार को न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बता दें कि 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की उस अधिसूचना को अवैध करार दिया था, जिसमें बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया था। याचिकाकर्ता देवेश शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 नवंबर 2021 को एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को रद्द कर दिया था। हिमाचल हाईकोर्ट ने भी बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य करने के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद निर्धारित की थी।

विज्ञापन


हिमाचल हाईकोर्ट के समक्ष स्कूल शिक्षा बोर्ड की 5 नवंबर को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है। इसमें बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया था। 26 नवंबर 2021 को हिमाचल हाईकोर्ट ने जेबीटी भर्ती मामलों पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया था कि शिक्षकों की भर्ती के लिए एनसीटीई के नियम प्रारंभिक शिक्षा विभाग के साथ-साथ अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग पर भी लागू होते हैं। अदालत ने आदेश दिए थे कि एनसीटीई की 28 जून 2018 को जारी अधिसूचना के अनुसार जेबीटी पदों की भर्ती के लिए नियमों में जरूरी संशोधन किया जाए। अदालत के इस फैसले से जेबीटी पदों के लिए बीएड डिग्री धारक भी पात्र हो गए थे। बाद में हाईकोर्ट ने जेबीटी यूनियन की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका में पारित आदेशों के अनुसार इस फैसले पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed