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शिमला: जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षुओं ने आठ घंटे तक प्रदर्शन कर मांगा इंसाफ
Tue, 30 Nov 2021 08:30 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 30 Nov 2021 08:30 PM IST
सार
बेरोजगार जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षु संघ की ओर से आज मांगों को लेकर शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया। बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी भर्ती के लिए पात्र बनाने का हाईकोर्ट की ओर से फैसला आने के बाद से जेबीटी प्रशिक्षु आक्रोशित हैं। सरकार से मांग कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में उनका केस लड़ा जाए।
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शिमला में गरजे जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षु
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षुओं ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के टॉलैंड में नारेबाजी कर सरकार से इंसाफ मांगा। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षुओं से मुलाकात कर राजस्थान हाईकोर्ट से आए फैसले की समीक्षा के बाद प्रशिक्षुओं के हक में फैसला लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक टॉलैंड पर जमे प्रशिक्षु करीब आठ घंटे बाद घरों को लौटे।
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मंगलवार सुबह 10 बजे प्रदेश के कई क्षेत्रों से आए जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षु टॉलैंड में जमा हुए।
सचिवालय तक जाने की मांग पर अड़े प्रशिक्षुओं की पुलिस और प्रशासन के साथ काफी नोकझोंक हुई। प्रशासन ने प्रशिक्षकों के पास सचिवालय जाने की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें वहीं पर रोक दिया। सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के छोटा शिमला में हुए प्रदर्शन से सबक लेते हुए टॉलैंड पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। दिनभर प्रशिक्षुओं ने यहां बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी भर्ती में पात्र नहीं बनाने की मांग करते हुए अपने लिए इंसाफ मांगा।
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दोपहर बाज तीन बजे 14 प्रशिक्षुओं को मुख्यमंत्री से मिलाने के लिए पुलिस साथ लेकर गई। शाम छह बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। छह बजे प्रतिनिधिमंडल के लौटने के बाद प्रशिक्षु अपने घरों को लौटे। जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षित छात्र संघ के अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर और महासचिव मोहित ठाकुर ने कहा कि बीएड वालों को जेबीटी भर्ती में पात्र बनाने से उनका भविष्य अधर में फंस जाएगा। बीएड वाले तो टीजीटी सहित अन्य श्रेणियों की भर्ती में शामिल हो सकते हैं लेकिन जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं के पास सिर्फ पहली से पांचवीं कक्षा को पढ़ाने की एकमात्र नौकरी है।
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फैसला होने तक कक्षाओं के बहिष्कार पर अड़े प्रशिक्षु
जेबीटी भर्ती को लेकर सरकार की ओर से अंतिम फैसला लेने तक प्रशिक्षु कक्षाओं के बहिष्कार करने पर अड़े हुए हैं। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री से मिलकर लौटे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशिक्षुओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को कक्षाओं में लौटने को कहा है। इस आश्वासन के बावजूद प्रशिक्षु नहीं माने और बुधवार को भी कक्षाओं का बहिष्कार करने का फैसला लिया।